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Jind News: मार्गशीर्ष अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान

Thu, 20 Nov 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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20जेएनडी03-पांडु-पिंडारा तीर्थ में स्नान करते हुए श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु
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जींद। मार्गशीर्ष अमावस्या पर वीरवार को पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर लोग पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान करने के लिए पहुंचे। लोगों ने पिंडदान करके तर्पण किया। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने कहा कि मार्गशीर्ष अमावस्या का दिन पूर्ण रूप से पितृ देव को समर्पित है। ऐसा माना जाता कि इस दिन पूजा-पाठ और दान, पुण्य करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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ऐतिहासिक पिंडतारक तीर्थ पर बुधवार को शाम से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। रात धर्मशालाओं में सत्संग और कीर्तन आदि का आयोजन चलता रहा। वीरवार को तड़के से ही श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान और पिंडदान शुरू कर दिया जो मध्यान्ह के बाद तक चलता रहा।
दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने अपने पितरोंं की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया और सूर्यदेव को जलार्पण करके सुख-समृद्धि की कामना की। पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किंवदंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की।
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बाद में सोमवती अमावस के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडु पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्या, विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है।
यहां पिंडदान करने के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग श्रद्धालु आते हैं। तपर्ण के बाद श्रद्धालुओं ने खरीदारी भी की। तीर्थ पर जगह-जगह लोगों ने सामान बेचने के लिए फड़े लगाई हुई थी। बच्चों ने जहां अपने लिए खिलौने खरीदे तो वहीं बड़ों ने भी घर के लिए सामान खरीदे।

20जेएनडी03-पांडु-पिंडारा तीर्थ में स्नान करते हुए श्रद्धालु। स्रोत श्रद्धालु

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