जींद। गुप्त नवरात्र पर शहर के जयंती देवी मंदिर में रविवार को प्रतिदिन होने वाले सवा लाख नवार्ण मंत्र शतचंडी पाठ और कलश यात्रा निकाली गई।
रानी तालाब स्थित भूतेश्वर मंदिर से इस कलश यात्रा को मुख्यातिथि के तौर पर वृंदा शर्मा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सैंकड़ों महिला श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। करीब 1100 श्रद्धालु महिलाओं की इस कलश यात्रा में वातावरण जयंती माता के जयकारों से गूंज रहा था। यह कलश यात्रा रानी तालाब से शुरू होकर मेन बाजार, झांझ गेट, सब्जी मंडी मोड़ से होती हुई जयंती देवी मंदिर पहुंची।
कलश यात्रा के साथ माता की पालकी और सुंदर झांकियां भी निकाली गईं। कलश यात्रा के दौरान माता के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो रहा था। वृंदा शर्मा ने कहा कि मानव कल्याण और सुख-समृद्धि के लिए शतचंडी पाठ एवं यज्ञ का महत्व है। उन्होंने कहा कि मां की कृपा से हर दुख का निवारण होता है। इस तरह के धार्मिक आयोजनों से सामाजिक कुरीतियां तो दूर होती ही हैं साथ में लोगों के अंदर जो आपसी मन-मुटाव होता है, वह भी खत्म हो जाता है।
पुजारी नवीन कुमार शास्त्री ने कहा कि जयंती देवी मंदिर का जींद के लिए बड़ा महत्व है। कलश यात्रा मंदिर में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों में शामिल होने से मन को जिस आनंद की अनुभूति होती हैं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
मंदिर पुजारी ने बताया कि 31 जनवरी को गुप्त नवरात्र के समापन कार्यक्रम में मंदिर में 11 हजार कन्याओं का पूजन होगा। इस अवसर पर सुनील सांडिल्य, रोहित गोयल, महेश सिंंगला, राजेंद्र शर्मा, राजेंद्र बतरा, विशाल कामरा, सागर कौशिक आदि मौजूद रहे।