गैस एजेंसी पर जांच करने पहुंची प्रशासन की टीम। संवाद
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ऑक्सीजन सिलिंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए डीसी डॉ. आदित्य दहिया द्वारा गठित की गई टीम ने हांसी रोड स्थित विकास गैस एजेंसी पर रविवार देर शाम को दबिश दी। यहां पर टीम को 55 ऑक्सीजन सिलिंडरों का एक बिल मिला, जो सिविल सर्जन के नाम पर था। लेकिन यह सिलिंडर नागरिक अस्पताल में नहीं पहुंचे। गैस एजेंसी संचालक सिविल सर्जन के नाम से हिसार से ऑक्सीजन सिलिंडर लाकर शहर के निजी अस्पतालों को सप्लाई कर रहा था। अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को इसकी शिकायत दे दी है। पुलिस ने फिलहाल विकास गैस एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोडवेज महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह, नगराधीश दर्शन यादव, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर पूनिया, सब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह की टीम को गुप्त सूचना मिली कि हांसी रोड पर स्थित विकास गैस एजेंसी संचालक ऑक्सीजन सिलिंडरों की कालाबाजारी कर रहा है। टीम ने रविवार देर शाम छह बजे एजेंसी पर दबिश दी। यहां पर छानबीन के बाद टीम को सिविल सर्जन, जींद के नाम से ऑक्सीजन सिलिंडरों का बिल मिला। बिल में 55 सिलिंडर लिखे हुए थे। लेकिन यह सिलिंडर नागरिक अस्पताल नहीं पहुंचे। एजेंसी संचालक इन सिलिंडरों को सिविल सर्जन के नाम से हिसार से लेकर आया था। जांच में पता चला कि गैस एजेंसी संचालक इन सिलिंडरों को निजी अस्पतालों को ब्लैक में बेच रहा था। किसी अस्पताल को दो, किसी को तीन तथा किसी को चार सिलिंडर दिए जा रहे थे। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर पूनिया ने इसकी लिखित शिकायत शहर थाना पुलिस को दे दी है। शहर थाना प्रभारी डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि पुलिस ने गैस एजेंसी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।