कोरोना संक्रमण के बीच बिगड़े हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कोविड मरीजों को ऑक्सीजन, पीपी किट, इंजेक्शन, वैक्सीन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अलग-अलग अधिकारियों की टीमें गठित कर दी हैं। इसके अलावा जिन लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो जाती है तो उनके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट भी निर्धारित कर दिए गए हैं। लघु सचिवालय में प्रशासन ने कोविड कॉल सेंटर बना दिया है। नगराधीश होशियार सिंह को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया है।
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने लघु सचिवालय में रविवार को स्वास्थ्य के अलावा अन्य विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि वह विभिन्न प्रबंधों की चिंता छोड़कर कोरोना मरीजों के इलाज पर ध्यान दें। ऑक्सीजन सिलिंडर, पीपी किट, कोरोना वैक्सीन व अन्य चिकित्सा सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए नगर आयुक्त संजय बिश्नोई को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। विभिन्न चिकित्सा सुविधाएं अस्पतालों तक पहुंचाने के लिए नगर आयुक्त के साथ पुलिस की भी एक टीम नियुक्त की है। उन्होंने ऑक्सीजन लेकर आने वाले वाहनों को पुलिस सुरक्षा तथा उन्हें जल्द अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी पुलिस को सौंपी है। रोडवेज महाप्रबंधक बिजेंद्र सिंह को कोरोना वैक्सीन, पीपी किट, ऑक्सीजन सिलिंडर, रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। इस टीम में पुलिस विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। डीसी ने उन्हें तुरंत कालाबाजारी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यदि किसी भी चिकित्सा सामग्री की कालाबाजारी करता पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। कालाबाजारी करने की सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रशासन सम्मानित करेगा तथा उसका नाम भी गुप्त रखा जाएगा।
बिना चिकित्सक की सलाह के नहीं दें ऑक्सीजन सिलिंडर
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने कहा कि मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध करवाई जा रही है। जिले में कोरोना वैक्सीन, पीपी किट, वेंटिलेटर, आईसीयू बेड की फिलहाल कोई कमी नहीं है। कोई भी ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करवाने वाला व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को बिना चिकित्सक की सलाह के ऑक्सीजन सिलिंडर मुहैया नहीं करवाएगा।
धर्मशालाओं में 20-20 बेड के अस्थायी अस्पताल बनाने के निर्देश
डीसी डॉ. आदित्य दहिया ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वह विभिन्न अस्पतालों के आसपास धर्मशालाओं या अन्य जगह तलाश करें और उन्हें 20-20 बेड के अस्थायी अस्पताल बनाएं ताकि जरूरत पड़ने पर इनका इस्तेमाल किया जा सके।
अंतिम संस्कार के लिए स्थान निर्धारित
डीसी ने सभी चारों एसडीएम को निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों के लिए श्मशान घाट व कब्रिस्तान भी निर्धारित करें। अंतिम संस्कार के लिए इन स्थानों पर दिनरात अलग-अलग टीमों की ड्यूटी लगाई जाए। किसी भी जिले के व्यक्ति की हिसार, रोहतक या अन्य जिलों में मौत होती है तो उसका अंतिम संस्कार जींद में करवाया जाएगा।