09जेएनडी05: शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले छात्र वीसी डाॅ. रणपाल सिंह के साथ। संवाद
जींद। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में 5 मई को सतत विकास के लिए अनुसंधान व नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (सीआरएसयू) के भूगोल विभाग के सहायक प्रोफेसर मंजीत सिंह ने भारत के अवलोकन में 10 छात्रों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
हरियाणा के औद्योगिक विकास में क्षेत्रीय असमानताएं विषय पर तन्नू ने शोध पत्र प्रस्तुत किया। तरसेम और विकास ने सरस क्रेन का संरक्षण, मांडोथी वेटलैंड का एक केस स्टडी विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। रिंकू ने हरियाणा में सड़क, परिवहन व्यवस्था में क्षेत्रीय असमानताएं विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। रितु और समीक्षा ने हरियाणा में इको टूरिज्म, तिलियार झील, रोहतक का एक केस स्टडी विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। सपना ने हरियाणा में चावल उत्पादकता में क्षेत्रीय असमानता विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।
सुमित ने भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य में मानवजनित गतिविधियों का आकलन विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। रिया और प्रिया ने शहरी क्षेत्र में रीसस मकाक की भोजन आदत जींद शहर का एक केस अध्ययन विषय पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। भूगोल विभाग की उपलब्धि पर कुलपति डाॅ. रणपाल सिंह और कुलसचिव प्रो. लवलीन मोहन ने छात्रों को बधाई दी और शोध क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। भूगोल विभाग के विभाग अध्यक्ष डाॅ. विशाल वर्मा, डाॅ. देवेंद्र सिंह यादव, पूनम लोहान ने भी छात्रों को प्रोत्साहित किया।
09जेएनडी05: शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले छात्र वीसी डाॅ. रणपाल सिंह के साथ। संवाद