जींद। जिले में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वीरवार को जारी की गई रिपोर्ट में दस लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। हालांकि इसमें पांच लोग ऐसे हैं, जिनकी मौत पहले हो चुकी है और संपर्क करने पर इनका पता चला है। वहीं, अब जिले में हालात बेकाबु होने लगे हैं। इससे व्यवस्थाएं भी जवाब दे रही हैं। नागरिक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के बाहर मरीजों को जमीन पर लेटाकर ऑक्सीजन दी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट में वीरवार को 366 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं 377 लोग ठीक हुए। ठीक होने वालों की संख्या संक्रमित होने वालों से अधिक है। वीरवार को 1185 सैंपल लिए गए। जिले में अब तक 233090 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 18303 लोग संक्रमित मिले हैं। इनमें से 366 लोगों की मौत हुई और 15097 लोग ठीक हुए हैं। फिलहाल जिला में 2840 मरीज सक्रिय बचे हुए हैं। कोविड -19 के नोडल अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि वीरवार को पांच लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई है। ऐसे में अब तक जिला में 366 लोगों की मौत हो चुकी है।
ऑक्सीजन की बढ़ रही है मांग
जिले में ऑक्सीजन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नागरिक अस्पताल में आने वाले लोगों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। इसके चलते मरीजों को स्ट्रेचर, व्हील चेयर या बेंच पर ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से ऑक्सीजन दी जा रही है।
हर तरह से की जा रही है लोगों की मदद
महामारी में संसाधनों की कमी होना सामान्य होता है। इसके बावजूद लोगों को हर परिस्थिति में मदद दी जा रही है। जो बीमार लोग अस्पताल आते हैं तो उन्हें बेड नहीं होने की जानकारी दी जाती है। इस पर वे जमीन पर ही लेट कर ऑक्सीजन लेने की बात कह रहे हैं। कैसे भी हो लोगों की जान बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल जींद।