जींद। डेंगू और मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन डेंगू के मामले तेजी से आने लगे हैं। मंगलवार को इस सीजन में पहली बार दस लोगों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसमें एक निजी महिला चिकित्सक तथा उनका बेटा भी शामिल है। जिले में अब तक 77 लोगों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आ चुकी है। इनमें से दो लोग नागरिक अस्पताल में दाखिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग को मिली रिपोर्ट में जींद निवासी 21 वर्षीय युवक, सफीदों निवासी दस वर्षीय बच्चा, मांडी कलां निवासी 14 वर्षीय किशोर, शाहपुर निवासी 64 वर्षीय व्यक्ति, नरवाना निवासी 34 वर्षीय युवक, उचाना निवासी 64 वर्षीय महिला, जींद निवासी नौ वर्षीय बच्ची, मुआना निवासी 15 वर्षीय किशोर, दनौदा निवासी 26 वर्षीय युवक, जुलाना निवासी 31 वर्षीय युवक शामिल हैं।
जिले में सबसे ज्यादा वर्ष 2015 में 668 डेंगू के मामले आए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान से साल दर साल डेंगू का प्रकोप कम होता चला गया। विभाग की तरफ से सितंबर, अक्टूबर व नवंबर डेंगू के लिए पीक सीजन माना जाता है।
अब तक मिले डेंगू के मामले
वर्ष मरीज मिले
2015
668
2016
157
2017
135
2018
98
2019
47
2020
28
2021
622
2022
535
2023
420
2024
77 अब तक
शहर में चलाया जागरूकता अभियान
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छरजनित रोगों के अलावा दूषित पानी से होने वाली डायरिया, हैजा व पीलिया जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा के नेतृत्व में अभियान चलाया।
स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जहां दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए पीने के पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भिजवाए, वहीं 24 बुखार पीड़ित लोगों की जांच के लिए रक्त के नमूने भी लिए। राममेहर वर्मा ने कहा कि लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। अपने घर व आसपास सफाई रखने से ही बीमारियों पर काबू पाया जा सकता है। अभियान में मुख्य रूप से स्वास्थ्यकर्मी पवन कुमारए, दिनेश, देवेंद्र, जगदीप, ओमप्रकाश, मनफूल, अमरजीत, राजरानी, सीता, नीलम व अन्य शामिल रहे।
वर्जनस्वास्थ्य विभाग डेंगू व मलेरिया की जांच मुफ्त करता है। विभाग की 250 से अधिक टीमें फील्ड में हैं, जो लगातार फीवर मास सर्वे कर रही हैं। लोगों को लगातार मौसमी बीमारियों को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जहां भी लार्वा मिला है उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया जाता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें बुखार पीड़ितों की लगातार स्लाइड बना रही हैं। आमजन को चाहिए कि वह स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। -डॉ. रमेश पांचाल, डिप्टी सिविल, सर्जन मलेरिया।
05जेएनडी17 : घर-घर जाकर बुखार पीड़ित लोगों के सैंपल लेते स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद