जींद। जिले के राजकीय प्राइमरी स्कूलाें में एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) के तहत शिक्षा-दीक्षा पर्यवेक्षण कार्यक्रम होगा। इस दौरान विभाग की टीमें एक साथ स्कूलों में जाकर पढ़ाई से संबंधित सुविधा, कक्षा में बैठने के लिए बेंच, शौचालय समेत सभी सुविधाओं की जांच करेंगी। स्कूलों में मिलने वाली असुविधाओं को गूगल फाॅर्म के माध्यम से डीएसई को भेजना होगा।
जिले के राजकीय प्राइमरी स्कूलों में लगभग 40 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच के लिए टीम में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, एफएलएन जिला को ऑर्डिनेटर व प्राचार्य शामिल होंगे। 23 दिसंबर को सभी टीमें अपने स्कूल में जाकर जांच करेंगी। स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, विद्यार्थियों की पाठ्य सामग्री, शैक्षणिक स्तर, अभ्यास पुस्तिका के अलावा विद्यार्थियों के लिए पेयजल, शौचालय, बैठने के लिए भवन, डेस्क की जांच होगी। टीएलएम किट का कितना प्रयोग हुआ है और विद्यार्थियों को इससे कितना लाभ हुआ, इसके बाद स्कूल मुखियाओं से जवाब भी मांगा जाएगा।
स्कूलों में सुविधा व विद्यार्थियों के शिक्षा के स्तर की होगी जांच
पर्यवेक्षण से स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधा और उनके ज्ञान की जांच की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों की अन्य सुविधाओं को भी जांचा जाएगा। विभाग की ओर से टीम तैयार की जा रही है। 23 दिसंबर को सभी टीम स्कूलों में जाकर जांच करेंगी। -राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला को ऑर्डिनेटर।