संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शिक्षा विभाग की तरफ से आयोजित सेंसस 2.0 असेसमेंट की तैयारियों को लेकर जिला स्तरीय मेंटर्स बैठक बुधवार को डायट ईक्कस में हुई। जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से पिछला सेंसस असेसमेंट सितंबर माह में करवाया गया था। उस असेसमेंट के परिणामों के आधार पर जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों ने विद्यालयों का निरीक्षण किया और शिक्षकों को प्रेरित किया था।
विद्यार्थियों की प्रगति पर सतत निगरानी रखी गई। प्रत्येक सप्ताह प्रगति रिपोर्ट भेजी गई जिससे यह सुनिश्चित किया जा सका कि शिक्षण स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि अब 22 और 23 दिसंबर को सेंसस 2.0 असेसमेंट आयोजित किया जाएगा। इसके लिए दो दिनों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का कार्य पूरा किया जाएगा। तत्पश्चात ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि एसेसमेंट प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
प्रत्येक खंड से चार-चार मास्टर ट्रेनरों के नाम मांगे गए हैं जो अपने-अपने ब्लॉक में शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाए उन्हें असेसमेंट की पूरी जानकारी देकर ही विद्यालयों में भेजा जाए। इसके अलावा कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ किया जाए व विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का दबाव या भय न बने। इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
निदेशालय से पहुंची आयुषी ने पीपीटी के माध्यम से सभी मेंटर्स को विस्तृत जानकारी दी और उनका फीडबैक भी प्राप्त किया। उन्होंने असेसमेंट की प्रक्रिया, प्रश्नपत्रों की संरचना, मूल्यांकन पद्धति और रिपोर्टिंग प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक में सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर्स ने अपने विचार साझा किए और सेंसस 2.0 एसेसमेंट को संपन्न कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह असेसमेंट विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को मापने और शिक्षण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अंत में जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है। उन्होंने सभी मेंटर्स से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षकों को प्रेरित करें और एसेसमेंट को एक उत्सव की तरह मनाएं, ताकि बच्चे बिना किसी दबाव के अपनी वास्तविक क्षमता का प्रदर्शन कर सकें।
10जेएनडी25-जिला स्तरीय मेंटर्स बैठक को संबोधित करते हुए एफएलएन राजेश वशिष्ठ। स्रोत विभाग