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सरकारी स्कूलों को बंद करने पर अध्यापकों ने किया प्रदर्शन

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मांगों को लेकर बीईओ कल्याण सिंह चहल को शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते अध्यापक संघ के सदस्य। - फोटो : Jind
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हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने मांगों को लेकर शुक्रवार दोपहर बाद खंड प्रधान हैप्पी मोर के नेतृत्व में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया।
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उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी कल्याण सिंह चहल को शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुज्जर के नाम ज्ञापन सौंपा। मोर ने कहा कि सरकार कम संख्या के नाम पर स्कूलों को बंद कर रही है, जो सब पढ़े सब बढ़े शिक्षा अधिकार अधिनियम के विरुद्ध है। सरकार का दायित्व बनता है कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। जिस स्कूल में छात्र संख्या कम है, वहां कारणों का पता लगाकर उसे दूर करना चाहिए। उस गांव में विशेष अभियान चलाकर राजकीय स्कूल में अधिक से अधिक दाखिल हो सके, इसके लिए लोगों को जागरूक करना चाहिए। जिला प्रधान साधुराम ने कहा कि दिल्ली की तर्ज पर शिक्षा में क्रांतिकारी परिवर्तन देखते हैं तो शिक्षा शिक्षकों के हवाले की जाएं। शिक्षकों से अन्य कोई काम नहीं लिया जाए, ताकि शिक्षक शिक्षा को लेकर ही काम करे। विभाग में 100 से भी अधिक एनजीओ काम कर रही हैं। इनकी कोई जवाबदेही नहीं होती है। न ही कोई शिक्षा सुधार का ही कार्य होता है। ये केवल शिक्षा का बजट हड़पने का ही कार्य करती हैं। शिक्षा विभाग का कोई भी कार्य किसी भी एनजीओ से नहीं कराया जाए। सरकार द्वारा चलाई जा रही सक्षम परीक्षा बच्चों पर बोझ बढ़ाने के अलावा और कुछ नहीं है। सक्षम के नाम पर अध्यापकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है। सक्षम परीक्षा में अध्यापकों की ड्यूटी एक ब्लॉक से दूसरे ब्लॉक में लगाए जाने का विरोध भी अध्यापक संघ ने किया। अध्यापक संघ ने मांग की कि अध्यापकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लिया जाय। बच्चों की प्रोत्साहन राशियां जो पिछले दो सालों से नियमित रूप से नहीं मिल रही है, उनको तुरंत जारी किया जाए। जेबीटी अध्यापकों के कंफर्मेशन अप टू डेट किए जाएं।
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