जींद। महिला कांग्रेस की जिला प्रधान लाजवंती ढिल्लों ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को पास करने के बावजूद अब तक लागू न करना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।
लाजवंती ढिल्लों ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती तो इसे जनगणना और डिलिमिटेशन से न जोड़ा जाता। आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों से पहले भावनात्मक मुद्दे उठाकर महिलाओं के वोट हासिल करने की कोशिश करती है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से केंद्र में सत्ता में रहने के बावजूद इस कानून को पहले लागू नहीं किया गया जबकि इसकी मांग लगातार उठती रही है। सवाल उठाया कि आरक्षण केवल लोकसभा और विधानसभाओं तक सीमित क्यों रखा गया है उच्च सदनों में महिलाओं को समान प्रतिनिधित्व क्यों नहीं दिया गया।
महिला कांग्रेस नेता ने ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा न होने पर भी चिंता जताई। कहा कि इससे पिछड़े वर्ग की महिलाओं को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिला सशक्तीकरण के प्रति गंभीर है तो उसे अपने संगठन में महिलाओं को अधिक अवसर देने चाहिए।