शहर में सफाई व्यवस्था पहले ही नई एजेंसी के काम शुरू न करने के कारण प्रभावित थी। ऐसे में सफाई कर्मियों की हड़ताल ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। प्रमुख बाजार, आवासीय क्षेत्र और प्रशासनिक अधिकारियों के आवास के आसपास भी कूड़े के ढेर लगने से बदबू फैल रही है।
गंदगी का समय पर उठान न होने से बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगा है। सड़कों पर पड़े कूड़े में मक्खियां और मच्छर पनप रहे हैं। इससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक रोग फैलने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा सड़कों पर फैला कचरा आवागमन में भी बाधा बन रहा है और राहगीरों को परेशानी हो रही है।
धरने पर बैठे सफाई कर्मियों के प्रधान सोहनलाल का कहना है कि उनकी नियुक्ति आबादी के अनुसार की जाए ताकि कार्य का उचित बंटवारा हो सके। इसके अलावा वे लंबे समय से पक्का कर्मचारी घोषित करने और सरकार की सभी सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं। जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सफाई कर्मियों के समर्थन में उतरी इनेलो
सफाई कर्मियों के समर्थन में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के पदाधिकारी भी धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताया। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो सफाई कर्मियों की सभी मांगों को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा।
वर्जन
सफाई कर्मियों की हड़ताल दो दिन की थी। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद शहर में सभी स्थानों से कूड़े का उठान करवाया जाएगा ताकि कहीं पर भी बदबू न फैले। इसके अतिरिक्त कुछ स्थानों पर सफाई भी करवाई गई है। जहां दो दिन में सफाई नहीं हुई। वहां पर हड़ताल समाप्ति के बाद प्राथमिकता से सफाई करवाई जाएगी।
-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद
02जेएनडी10: नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी। स्रोत : कर्मचारी