जींद। ईफा अकादमी के छात्र खरकरामजी गांव निवासी अभिषेक उर्फ संजू द्वारा 11 अगस्त को फीस भरने के दबाव में आत्महत्या करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। परिजनों ने खुलासा किया है कि उसे लड़की के साथ छेड़छाड़ के आरोप में फंसाने का डर भी दिखाया जा रहा था। इसके चलते ही अभिषेक ने आत्महत्या की है। छेड़छाड़ के आरोपों के बारे में जानकारी लेने अभिषेक के माता-पिता खुद अकादमी में आए थे, लेकिन यहां स्टाफ ने सिर्फ अभिषेक पर दबाव बनाने के लिए ऐसा करने की बात कही थी।
परिजनों ने बताया कि ईफा अकादमी के अध्यापक शशांक त्रिपाठी व प्रबंधक समिति की सदस्य द्वारा अभिषेक को लड़की के साथ छेड़छाड़ करने के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। इसके चलते 18 वर्षीय अभिषेक ने जहरीला पदार्थ निगलकर जान दे दी। अभिषेक ने ईफा अकादमी में मार्च में नॉन मेडिकल से 12वीं कक्षा में दाखिला लिया था, ताकि अच्छे अंक लेकर पास हो सके। अब आरोप है कि दस अगस्त को क्लास में ही अभिषेक के साथ अध्यापक शशांक त्रिपाठी का फीस को लेकर विवाद हो गया और शशांक त्रिपाठी ने अभिषेक के बाल पकड़कर उसके साथ मारपीट की और अकादमी से बाहर भगा दिया। इसके बाद अभिषेक अकादमी से बाहर जाकर लघु सचिवालय चौक पर गांव में जाने के लिए किसी वाहन का इंतजार करने लगा। इसके कुछ ही समय बाद उसके पास ईफा अकादमी के प्रबंधन समिति की सदस्य नेहा शर्मा के मोबाइल से कॉल आई और पूछा कि कहां हो। इस पर अभिषेक ने जवाब दिया कि वह लघु सचिवालय के बाहर है और मैडम को बताया कि अध्यापक ने उसके साथ बदतमीजी की है। इसके बाद फिर उसी अध्यापक ने मैडम से मोबाइल लेकर कहा कि तुम कहां हो। इस पर अभिषेक ने बताया कि आप लॉकडाउन के दौरान भी अकादमी खोलते हो आपकी शिकायत करता हूं और पुलिस को लेकर आता हूं। इसके बाद अध्यापक ने उस पर लड़की के साथ छेड़खानी का आरोप लगाया और लड़की के अभिभावकों को साथ लेकर आने की धमकी दी। इसके बाद अभिषेक ने अध्यापक से पूछा कि बताओ कौन सी लड़की के साथ छेड़खानी हुई है। उसने खुद ही पुलिस को साथ लेकर आने की बात कही और फोन कट गया। 11 मार्च को लड़की के साथ छेड़खानी के आरोप से परेशान होकर अभिषेक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर कर लिया।