कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देश पर सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान 14 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इसके लिए सरकार द्वारा ई लर्निंग की सुविधा शुरू की जा रही है। इसमें छात्र घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। सोशल मीडिया और अन्य साधनों का सहारा लिया जाएगा। इसके आदेश शिक्षा विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग तथा तकनीकी शिक्षा विभाग को दिए गए हैं। विद्यार्थियों को घर बैठे ही स्टडी मैटेरियल उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है।
इसमें वीडियो और ऑडियो लेक्चर जारी कर उसे व्हाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक के अलावा अन्य सोशल मीडिया पर जारी करने के आदेश दिए गए हैं। निदेशालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सभी अपनी फैकल्टी के माध्यम से वीडियो व ऑडियो लेक्चर तैयार करें। उच्चतर शिक्षा विभाग के साथ-साथ शिक्षा विभाग की साइट पर इसे अपलोड करें। ई लर्निंग की व्यवस्था से विद्यार्थियों के घर बैठने पर भी किसी प्रकार की शैक्षणिक हानि नहीं होगी। उच्चतर शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार यह वैकल्पिक समाधान छात्रों के हित के लिए अपनाया जा रहा है।
जिले में हैं 15 कॉलेज
जिले में 15 सरकारी और गैर सरकारी कॉलेज हैं। इनमें लगभग नौ लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नह हो इसके लिए सभी कॉलेज के शिक्षकों को आदेश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल उपलब्ध करवाएं। कोरोना वायरस के संक्रमण से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के आदेश दिए हैं।
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर ई लर्निंग की सुविधा शुरू की गई है। उच्चतर शिक्षा विभाग और तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा गूगल के साथ टाई अप किया है। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे परीक्षा की तैयारी करने में मदद मिलेगी। इसके लिए सभी लेक्चरर को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने लेक्चर की वीडियो और ऑडियो बनाकर सोशल साइट्स पर डालें, जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़ी कोई दिक्कत न आए।
शीला दहिया, प्राचार्य, राजकीय पीजी कॉलेज जींद।