संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिले के 423 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पहली से तीसरी तक के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय सेंसस ग्रुपिंग मूल्यांकन सोमवार से शुरू हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों की हिंदी भाषा क्षमता को परखा गया, जिसमें वर्ण पहचान, शब्द पठन, वाक्य व अनुच्छेद पढ़ने से संबंधित गतिविधियां शामिल रहीं।
दूसरे दिन 30 दिसंबर को गणित विषय में संख्या पहचान, जोड़, घटाव और गुणा जैसे बुनियादी अभ्यासों के माध्यम से बच्चों की समझ का आकलन किया जाएगा।
निदेशालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह प्रक्रिया किसी भी प्रकार की परीक्षा नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के पठन और गणित कौशल के वर्तमान स्तर को समझना है ताकि शिक्षकों को बच्चों के अधिगम स्तर के अनुसार शिक्षण रणनीतियों में सुधार करने में मदद मिल सके।
जिले में इस समय कक्षा पहली में 5607, दूसरी में 5039 व तीसरी कक्षा में 5056 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। आकलन के लिए गठित शिक्षक दल अपने-अपने विद्यालयों के बजाय अन्य विद्यालयों में जाकर बच्चों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
निपुण एप को लॉग-इन कर अपडेट करवाएं
पूरी प्रक्रिया के दौरान टीम के सदस्य प्रत्येक कक्षा में जाकर शिक्षक के मोबाइल फोन में निपुण टीचर एप को लॉग-इन कर अपडेट करवाएंगे और विद्यार्थियों से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर एप पर दर्ज किए जाएंगे। यदि एप में कक्षानुसार विद्यार्थियों का विवरण गलत पाया जाता है तो इसकी सूचना संबंधित बीआरपी व एबीआरसी को देना होगी। वहीं, किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर जिला एफएलएन समन्वयक को अवगत कराया जाएगा।
वर्जन
विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर जानने के लिए सेंसस ग्रुपिंग मूल्यांकन का आयोजन किया गया। पहले दिन हिंदी विषय का आकलन हुआ। दूसरे दिन गणित विषय का आकलन किया जाएगा । यह प्रक्रिया बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर समझने के लिए है।
-राजेश वशिष्ठ, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर