25जेएनडी21: सीआरएसयू में कक्षाएं लगवाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थी। स्वय
जींद। यह कैसा विश्वविद्यालय है, जहां पर विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी भूख हड़ताल पर बैठना पड़ रहा है। भूख हड़ताल के दो दिन बीतने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल की कक्षाएं शुरू नहीं करा पा रहा। विद्यार्थियों ने विभाग के एचओडी व रजिस्ट्रार से प्रैक्टिकल कक्षा के लिए सभी उपकरण उपलब्ध कराने का लिखित में जवाब मांगा था, लेकिन लिखित में नहीं दिया गया। इसके कारण विद्यार्थियों ने भूख हड़ताल वापस नहीं ली।
सीआरएसयू में सुविधाओं के लिए विद्यार्थियों को हर बार धरने प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं, लेकिन समाधान कराने के लिए शायद ही कभी प्रशासन समय से आगे आया हो। इससे पहले हॉस्टल में खाने की गुणवत्ता व अन्य सुविधाओं को पुलिस चौकी में रात बितानी पड़ी थी। इसके बाद पीएचडी में विद्यार्थियों ने चार सीटों पर 12 विद्यार्थियों को गलत तरीके से दाखिला देने पर आंदोलन का सहारा लेना पड़ा था। इसके बाद कमेटी की जांच शुरू हाे पाई। अब होटल मैनेजमेंट की प्रैक्टिकल कक्षाएं लगाने के लिए दो दिन से भूख हड़ताल चल रही है। छात्र नेता गोविंद सैनी का कहना है कि प्रशासन केवल पहले की तरह मौखिक रूप से मांगों को पूरी करने का आश्वासन दे रहा है। प्रशासन ने अब तक मात्र लैब का ही समान सीमित मात्रा प्रदान किया है। अन्य काफी सामान आना अभी बाकी है। विद्यार्थी विश्वविद्यालय प्रशासन के व्यवहार से अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। छात्र अभिषेक ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों को लिखित में देकर आश्वासन दे तो वह अनिश्चितकाल भूख हड़ताल समाप्त करने को तैयार हैं। वरना, वह अंतिम सांस तक विद्यार्थियों के हितों की लड़ाई लड़ेंगे। इस मौके पर शमशेर, दीप्ति, धर्मवीर लाडिया, रविंद्र ढोल, मोनिका , अक्षय नरवाल, अजमेर रेढू, रितु, सुमित लाठर व जयदीप संधू आदि मौजूद रहे।