जींद। एफएलएन के तहत जिले के सभी राजकीय प्राथमिक स्कूलों में पीटीएम व रीडिंग मेले का आयोजन किया गया। जिले में विभाग की योजना के तहत सभी 424 स्कूलों में कार्यक्रम हुए। पीटीएम में विद्यार्थियों की योग्यता के बारे में अभिभावकों को बताया गया। जिन विषयों में विद्यार्थी कमजोर थे। उनके बारे में अभिभावकों को बताया और घर पर स्कूल का काम पूरा करवाने के लिए परिजनों को सुझाव दिए।
इसके अलावा पुस्तक मेले में विद्यार्थियों को जीवन में किताबों के महत्व के बारे में बताया गया। एफएलएन के तहत सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक-अभिभावक मीटिंग करने का निर्णय लिया है। पीटीएम में शिक्षक बच्चों के अभिभावकों को उनकी पढ़ाई के स्तर की रिपोर्ट कार्ड के माध्यम से जानकारी दी गई। बच्चा किस विषय में होशियार है और किस विषय में कमजाेर है, इसके बारे में अभिभावकों के साथ विचार विमर्श किया गया, ताकि बच्चों की कमियों को दूर कर उन्हें हर विषय में दक्ष बनाया जा सके। विभाग का मानना है कि माता-पिता और शिक्षक विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसलिए विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की बेहतरी के लिए उनके बीच बातचीत आवश्यक है। इसे सुविधाजनक और उपयोगी बनाने के लिए पीटीएम एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। कई विद्यार्थियों के सीखने में अंतराल हो सकता है। अभिभावक-शिक्षक बैठक का महत्व इस अंतर को दूर करना है।
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सभी स्कूलाें में हुई पीटीएम
जिले के सभी स्कूलों में पीटीएम करवाई गई है। इससे विद्यार्थियों में शिक्षा के स्तर का सुधार होगा। अभिभावकों को बच्चों की कमियों का पता लगेगा। इससे परीक्षा से पहले विद्यार्थी अपनी कमियों को सुधार सकेगा और अध्यापक व अभिभावकों का सहयोग कर सकेंगे।
-राजेश वशिष्ठ, जिला कोऑर्डिनेटर एनएफएल।