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Jind News: सड़कों पर लावारिस पशुओं का डेरा, कहां चलाएं गाड़ी...हादसे का डर

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03जेएनडी10: सावर गर्ग।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। जिले मे सड़क सुरक्षा दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। लावारिस पशु खुलेआम सड़कों पर घूमते रहते हैं और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं। वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं जिससे हादसे का डर बना रहता है।
जिले से गुजरने वाले स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर लावारिस पशुओं का कब्जा बना हुआ है। केवल दिल्ली–जम्मू–कटड़ा हाईवे, 152डी हाईवे और जींद–सोनीपत हाईवे की हालात ठीक है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
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जुलाना रोड, हांसी रोड, नरवाना रोड, गोहाना रोड, उचाना रोड और सफीदों रोड पर दिन रात लावारिस पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। इन्हें अचानक देखकर वाहन चालक अपना संतुलन खो बैठते हैं। पिछले कुछ महीनों में कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
गोशालाओं में पशुओं के ठहराने की पर्याप्त जगह नहीं
नगर परिषद की ओर से पिछले तीन दिनों से पशु पकड़ने का अभियान चलाया गया है लेकिन गोशालाओं में जगह की कमी सबसे बड़ी बाधा बन रही है। नगर परिषद की टीम ने अब तक तीन 30 पशुओं को पकड़ा है लेकिन गोशालाओं में उन्हें ठहराने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। गोशालाओं की क्षमता पहले ही पूरी हो चुकी है। खाद्य सामग्री, चारे, पानी और देखभाल के लिए संसाधन सीमित हैं। ऐसे में लगातार नए पशु भेजे जाने से स्थिति और बिगड़ रही है। कई गोशालाएं पहले से ही अधूरे फंड और कम स्टाफ का हवाला दे रही हैं।

बेसहारा पशुओं को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान अभी तक नहीं निकला है। शहर के अंदर मुख्य बाजारों, सब्जी मंडी, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास भी गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। इससे पैदल चलने वालों को परेशानी होती है और बार-बार जाम की स्थिति बन जाती है। -पवन बंसल, प्रवक्ता मेन बाजार

हाइवे पर दौड़ते वाहनों की स्पीड अधिक होती है। ऐसे में सड़क पार करते या बैठे पशु गंभीर हादसे का कारण बन जाते हैं। कई बार टोल प्लाजा से लेकर गांवों के बीच लंबे रूट पर दर्जनों पशुओं का झुंड देखा जाता है जिसे हटाने के लिए कोई स्थाई व्यवस्था लागू नहीं है। -सावर गर्ग, प्रधान साड़ी एसोसिएशन

फिलहाल, सड़क सुरक्षा और साफ-सफाई के लिहाज से लावारिस पशुओं का मुद्दा जिले की बड़ी चुनौतियों में से एक बना हुआ है। जब तक इनके स्थाई पुनर्वास का समाधान नहीं निकलता तब तक हाईवे और शहर की सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा। -मनीष गर्ग, प्रधान करियाणा एसोसिएशन जींद।

शहर की सड़कों से पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाया हुआ है। शहर व आसपास के क्षेत्रों से अधिकतर पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजा गया है। पिछले तीन दिन से यह अभियान दोबारा फिर चलाया गया और 30 पशुओं को पकड़ा भी गया है। शहर व आसपास के क्षेत्र में सड़कों से पशुओं को पकड़ने का अभियान जारी है।।
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-ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगर परिषद जींद।

03जेएनडी10: सावर गर्ग।

03जेएनडी10: सावर गर्ग।

03जेएनडी10: सावर गर्ग।

03जेएनडी10: सावर गर्ग।

03जेएनडी10: सावर गर्ग।

03जेएनडी10: सावर गर्ग।

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