जींद। जिले में वीरवार अलसुबह करीब तीन बजे अचानक मौसम ने करवट ली। गरज-चमक के साथ आंधी आई और उसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी से क्षेत्र में 700 पेड़ टूटकर गिर गए।
कई जगह पेड़ बिजली के तारों और खंभों पर जा गिरे जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली से संबंधित करीब 1200 शिकायतें बिजली निगम के पास पहुंचीं।
सेक्टर 9, 10 और 11 में बिजली करीब 12 घंटे बाद बहाल हो सकी। इसके अलावा रेलवे रोड कॉलोनी, श्याम नगर, ओम नगर, राम नगर कॉलोनी और न्यू जवाहर नगर में भी बिजली आपूर्ति बाधित रही। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंधी से 159 बिजली के पोल और दो ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए। कई जगह फ्यूज उड़ने की शिकायतें भी आईं। बारिश से लघु सचिवालय, कृषि विभाग कार्यालय, बिजली निगम कार्यालय, पटियाला चौक और सब्जी मंडी में पानी भर गया जिससे शहरवासियों को परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की रफ्तार तीन किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि नमी 57 प्रतिशत दर्ज की गई।
बिजली का तार टूटने से सवा दो घंटे देरी से जींद पहुंची पंजाब मेल
आंधी का असर रेल और सड़क यातायात पर भी पड़ा। पंजाब मेल ट्रेन नंबर 12137 अपने निर्धारित समय पौने 12 बजे की जगह करीब सवा दो बजे जींद पहुंची। कैथल में उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस की बिजली में खराबी आने से ट्रेन वहीं खड़ी रही। इसका असर कुरुक्षेत्र-जींद पैसेंजर ट्रेन नंबर 54037 पर भी पड़ा जो दोपहर 12:10 बजे की जगह करीब साढ़े पांच बजे जींद पहुंची। इस वजह से यात्रियों को करीब साढ़े पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। वहीं हांसी रोड पर भी कई पेड़ गिरने से बस अपने तय समय से करीब एक घंटे देरी से पहुंची।
एसबीआई भवन पर गिरा 80 साल पुराना पेड़
शहर के सफीदों गेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की इमारत पर करीब 80 साल पुराना पेड़ गिर गया जिससे बैंक के अंदर जाने का रास्ता बंद हो गया। पेड़ हटाने के लिए संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और यह काम दोपहर बाद तक चलता रहा। शहर के कई अन्य हिस्सों में भी पेड़ सड़कों पर गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। सुबह लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए रास्ता बदलकर जाना पड़ा।
बारिश से खरीफ फसलों को फायदा
शहर में परेशानी की वजह बनी यह बारिश खेतों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इससे धान समेत अन्य खरीफ फसलों की सिंचाई की जरूरत कम होगी। धान, बाजरा और कपास जैसी फसलों को इस बारिश से लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिली।
जिले में कहां कितनी बारिश
जिले में सबसे ज्यादा बारिश जींद में 37 एमएम दर्ज की गई। इसके अलावा सफीदों में 18 एमएम, नरवाना में 14 एमएम, जुलाना में 11 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 10 एमएम, अलेवा में तीन एमएम और उचाना में सबसे कम दो एमएम बारिश दर्ज की गई।
वर्जन
आंधी और बारिश के कारण पेड़ तारों पर गिर गए थे जिसके कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। हालांकि शिकायत मिलने के बाद तुरंत मौके पर जाकर समाधान करवाया गया।
-विनोद पूनिया, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम जींद
फोटो 17जेएनडी16-आंधी के कारण शहर के सफीदों गेट स्थित एसबीआई बैंक भवन पर गिरा बरगद का पेड़। संव