जिला प्रशासन की टीम ने गांव झांझ कलां में दो नाबालिग बहनों की शादी रुकवाई। बाल विवाह किए जाने की सूचना पाकर मौके पर पहुंची टीम ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें बाल विवाह कानून की जानकारी दी।
परिजनों ने भी टीम को आश्वासन दिया है कि वो अपने बच्चियों की शादी अब बालिग होने पर ही करेंगे। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय विभाग के सहायक सुरक्षा अधिकारी रवि लोहान ने बताया कि रविवार सुबह सूचना मिली थी कि गांव झांझ कलां में दो नाबालिग बहनों की शादी करवाई जा रही है और बारात चैनत जिला हिसार से आ चुकी है।
टीम ने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई करते हुए सदर थाना प्रभारी धर्मबीर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों से दोनों लड़कियों के जन्म प्रमाण पत्र दिखाने को कहा।
पहले तो परिवार के लोगों ने आना कानी की लेकिन सख्ती करने पर उन्हें जो कागज दिखाए गए उनमें दोनों ही लड़कियां नाबालिग पाई गई। बड़ी लड़की की उम्र साढ़े 17 वर्ष व छोटी लड़की की उम्र मात्र 16 वर्ष मिली।
जिस पर दोनों पक्षों ने लिखित बयान दर्ज करवाए कि वह अपनी दोनों लड़कियों की शादी बालिग होने पर ही करेंगे तथा चैनत से पहुंची बारात को बिना दुल्हनों के ही वापस लौटना पड़ा। टीम में महिला हेड कांस्टेबल गीता देवी, नीलम देवी, हेड कांस्टेबल जितेंद्र, कांस्टेबल बलराज, संदीप कुमार मौजूद रहे।