संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शनिवार को ईंटल कलां में रैपिड फीवर मास सर्वे अभियान चलाया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने घर-घर पहुंचकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान की। संदिग्ध मरीजों के रक्त के नमूने लेकर जांच की गई।
स्वास्थ्यकर्मी पवन कुमार, सुशील शर्मा, कविता रानी, जयवीर नेहरा, पवन श्योकंद और भूपेंद्र यादव ने ग्रामीणों से बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और कमजोरी सहित अन्य लक्षणों के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए।
उन्होंने बताया कि डेंगू की रोकथाम के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना सबसे जरूरी है। घरों और आसपास थोड़ी मात्रा में भी साफ पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। छत, आंगन, कूलर, गमले, पानी की टंकियों, पुराने टायरों, टूटे बर्तनों और अन्य पात्रों की नियमित जांच करनी चाहिए।
कूलर का पानी खाली कर उसकी सफाई करने और पानी की टंकियों को ढककर रखने की सलाह दी गई। उन्होंने कहा कि लोगों को पूरी बाजू के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने जैसे बचाव के उपाय भी अपनाने चाहिए।