जींद। मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल में व्यावसायिक विकास और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यालय के सभी शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यशाला के पहले दिन का विषय आर्ट इंटीग्रेशन रहा। इसका संचालन सीबीएसई रिसोर्सपर्सन गीता ठुकराल ने किया। उन्होंने शिक्षकों को बताया कि कला को विभिन्न विषयों के साथ जोड़कर शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, रचनात्मक और प्रभावी बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने समूह गतिविधियों, चर्चाओं और प्रस्तुतियों के माध्यम से इसके व्यावहारिक पहलुओं को समझा।
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दूसरे दिन फाउंडेशन ऑफ कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एंड एआई रेडीनेस विषय पर सीबीएसई रिसोर्सपर्सन आशु जैन ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने शिक्षकों को कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मूल अवधारणाओं से परिचित कराया। साथ ही बताया कि एआई और तकनीकी कौशल भविष्य की शिक्षा और रोजगार के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
प्राचार्य रविंद्र कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आर्ट इंटीग्रेशन विद्यार्थियों की रचनात्मकता को बढ़ावा देता है, जबकि एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है। कार्यशाला के समापन पर विद्यालय प्रबंधन ने दोनों रिसोर्सपर्सन का आभार व्यक्त किया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक और उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रम नियमित आयोजित करने पर बल दिया।