संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के 56वें स्थापना दिवस पर शनिवार को कार्यकर्ताओं ने कार्यालय पर ध्वजारोहण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। सीटू के जिला सचिव संदीप जाजवान ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण को रोका जाए।
उपाध्यक्ष कपूर सिंह ने कहा कि 30 मई 1970 को कलकत्ता के ऐतिहासिक सम्मेलन में सीटू की स्थापना की गई थी। सीटू ने देश के करोड़ों मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, स्कीम वर्करों और मेहनतकशों के अधिकारों के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये नए कानून देश के मजदूरों को कॉर्पाेरेट के गुलाम बनाने और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने के लिए लाए गए हैं। सभी श्रेणी के मजदूरों के लिए महंगाई को देखते हुए सम्मानजनक न्यूनतम वेतन तय किया जाए। उसे सख्ती से लागू किया जाए।असंगठित क्षेत्र के सभी मजदूरों, निर्माण कार्य से जुड़े श्रमिकों और वर्कर्स को भविष्य निधि, ईएसआई और पेंशन की पक्की गारंटी मिले।
रेलवे, रक्षा, कोयला, बिजली और बैंकों जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों के अंधाधुंध निजीकरण को तुरंत रोका जाए। देश की रीढ़ मानी जाने वाली आंगनबाड़ी, आशा और मिड-डे मील कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।इस अवसर पर प्रमिला, सुनीता, नीलम, राजेश, राजेंद्र, दीनदयाल, सोनू और राममेहर मौजूद रहे।