13जेएनडी02-बाल विवाह रोकने को लेकर गुरुद्वारे में जागरूक करती हुई जिला महिला संरक्षण एवं बाल वि
- फोटो : धम्म यात्रा में शामिल अनुयायी।
जींद। जिला में बाल विवाह न होने पाए, इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि पिछले तीन-चार वर्षों की बात की जाए तो लगातार बाल विवाह के मामलों में कमी आई है। इसके बावजूद जिला महिला संरक्षण व बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम किसी भी स्तर पर कोर-कसर छोड़ना नहीं चाह रही है।
इस बार 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया है और जिलेभर में विवाह समारोहों की धूम रहेगी। युवा भी खूब विवाह बंधन में बंधेंगे। ऐसे में अक्षय तृतीया पर होने वाले सामूहिक विवाह की आड़ में कुछ बाल विवाह भी हो सकते हैं। इसके चलते जिला महिला संरक्षण व बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की विशेष नजर रहेगी। इसमें युवक की आयु 21 वर्ष से कम और युवती की आयु 18 वर्ष की आयु से कम पाई जाती है तो कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ-साथ अब बाल विवाह के केस में पॉक्सो एक्ट का केस दर्ज करवाने का प्रावधान भी कर दिया गया है। जिला महिला संरक्षण व बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता के दिशा-निर्देशन में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष टीम गठित की गईं हैं। शनिवार और रविवार को टीम ने शहर के मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों और चर्च में जाकर सभी को बाल विवाह रोकने को लेकर आगाह किया गया है। टीम ने सभी से निवेदन किया है कि वह अपने अपने कार्यों के साथ-साथ विवाह में युवक और युवती के जन्म से संबंधित कागजात मंगवा कर देखें ताकि पता लग सके कि दोनों बालिग हैं या नहींं। बाल विवाह से संबंधित सूचना तुरंत महिला हेल्पलाइन नंबर 181, 112 नंबर या 8814011559 पर दें।