04जेएनडी30: पं. सत्यनारायण पुजारी। संवाद
उचाना। लाला प्रभुयाल चौधरी धर्मशाला में स्थित प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी पं. सत्यनारायण शांडिल्य ने कहा कि हिंदू धर्म में वीरवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि यदि वीरवार के दिन, विधि-विधान के साथ भगवान विष्णु को याद करके पूजन किया जाए तो वे शीघ्र ही प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करते हैं। पुराणों में श्रीहरि की कृपा से भक्तों के कष्ट दूर होने के बारे में बताया गया है। उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु की अराधना करने से मनुष्य के पिछले जन्म और इस जन्म के पापों से मुक्ति मिलती है और उसे पुण्य फल की प्राप्ति होती है विधि से पूजन किया जाए तो भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए गुरुवार के दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान आदि से निवृत्त होकर पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद उगते हुए सूर्य भगवान को हल्दी मिलाकर जल अर्पित कर भगवान विष्णु की पूजा करें। पूजा के दौरान उन्हें पीले रंग के फूल, पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं। भगवान विष्णु को हल्दी का तिलक लगाएं और अपने माथे पर भी लगाएं। इसके बाद तुलसी की माला या फिर चंदन की माला से भगवान विष्णु के मंत्र की कम से कम एक माला का जाप करें।