फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: समाजसेवी ने खींचा हात, बस स्टैंड से हटाया पानी का टैंकर

Sat, 02 Nov 2024 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
विज्ञापन
01जेएनडी10-जींद का नया बस अड्डा, जहां पर पेयजल किल्लत बनी हुई है। संवाद
विज्ञापन
जींद। बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधा के लिए खाने वाला पानी का टैंकर अब आना बंद हो गया है। इससे यात्रियों के सामना पेयजल की समस्या पैदा हो गई है। इससे यात्रियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। यात्रियों को कैंटीन से पानी की बोतल खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है।
विज्ञापन

पहले एक समाजसेवी यहां पर पानी का टैंकर भिजवाते थे, जो अब बंद हो गया है। पहले यहां पानी का टैंकर रखवाया जा रहा था, जिससे यात्री अपनी प्यास बुझा लेेते थे, लेकिन कई बार टैंकर का पानी खत्म होने के बाद समस्या पैदा हो जाती थी। इससे पहले दो टैंकर होने के कारण पेयजल की समस्या नहीं होती थी। अब एक टैंकर होने के कारण पानी के लिए यात्रियों को समस्या हो रही है। तीन साल से बस अड्डे पर प्रशासन यात्रियों के लिए पेयजल का समाधान नहीं करवा पाया है।
गौरतलब है कि मार्च 2022 में पांडु पिंडारा का नया बस स्टैंड शुरू हुआ था। इस पर 32 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। बस स्टैंड पर यात्रियों को पीने का शुद्ध पेयजल मिले, इसके लिए 500 लीटर क्षमता का आरओ प्लांट लगाया गया है। नए बस स्टैंड पर यात्री टीडीएस ज्यादा होने से वाटर कूलर का पानी पीने से बचते हैं। पानी इतना खराब है कि छत पर रखी टंकियों का रंग भी पीला पड़ गया है। भूतल पर दो वाटर कूलर, प्रथम तल पर एक वाटर कूलर लग है, लेकिन पानी खराब होने की वजह से लोग उसे नहीं पीते हैं। यहां तक कि कर्मचारियों के लिए भी स्पेशल पानी के कैंपर मंगवाए जाते हैं।
विज्ञापन


रोजाना 16 हजार यात्री करते हैं सफर

जींद डिपो में इस समय 170 बस हैं। इनमें हर रोज 16 हजार से अधिक यात्री सफर करते हैं। इससे रोडवेज को प्रतिदिन 12 लाख रुपये से ज्यादा का राजस्व प्राप्त होता है। मार्च 2022 में नया बस स्टैंड पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के आदेश पर तत्कालीन महाप्रबंधक गुलाब सिंह दूहन ने शुरू किया था। जून 2022 के अंत में गुलाब सिंह दूहन सेवानिवृत्त हो गए थे। इसके बाद अशोक कौशिक, दीपक कुंडू और कमलजीत सिंह ने महाप्रबंधक के तौर पर यहां कार्यभार संभाला था, लेकिन पिछले दो साल में चार महाप्रबंधक भी यहां पेयजल समस्या का समाधान नहीं करवा पाए हैं।

बस अड्डे पर पहले दो संस्थाओं की ओर से पानी के टैंकर भेजे जाते थे। लेकिन अब एक की ओर से ही टैंकर भेजा जा रहा है, जिससे यात्री अपनी प्यास बुझा रहे हैं। अब कुछ दिनों में पेयजल का स्थयी समाधान करवा दिया जाएगा। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, जींद।

01जेएनडी10-जींद का नया बस अड्डा, जहां पर पेयजल किल्लत बनी हुई है। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें