इंडो-नेपाल अंतरराष्ट्रीय नाट्य उत्सव के दूसरे दिन भारतीय कलाकारों ने कुलदीप कुनाल द्वारा निर्देशिक व्यंग्य नाटक 'मिस प्रिंटÓ का मंचन किया। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने वर्तमान व्यवस्था पर करारा प्रहार किया। नाटक में अमीर और गरीब के साथ समाज और व्यवस्था में होने वाले व्यवहार को भी दिखाया गया। इस मौके पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी भी मौजूद रहे। मिस प्रिंट नाटक के माध्यम से कलाकारों ने आज के दौर की समस्याओं पर कटाक्ष करने के साथ-साथ दोस्ती में पैसे और प्रभाव के असर को भी दिखाया। नाटक शुरू होते ही दोस्तों के बीच समय के साथ होने वाले बदलाव को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया गया। नाटक के दौरान हास्यात्मक व्यंग्यों द्वारा कलाकारों ने दर्शकों को लोट-पोट कर दिया। नाटक दो दोस्तों के चारों ओर घूमता है, एक गरीब, लेकिन बहुत मेहतनी है और हर कक्षा में प्रथम आता है। वहीं दूसरा अमीर है और हमेशा अपने शौक पूरे करने में लगा रहता है। एक समय ऐसा आ जाता है कि अमीर दोस्त की प्रेमिका उसके बार-बार फेल होने पर उससे शादी करने तक से मना कर देती है। इसके बाद अमीर दोस्त पैसे में डिग्री खरीद कर लाता है और उसके प्रभाव के कारण नौकरी के साक्षात्कार में भी उसे काफी अहमियत मिलती है।
बाबाओं की दुकान पर भी कटाक्ष
अपनी प्रस्तुति के माध्यम से कलाकारों ने ऐसे बाबाओं की दुकानों पर भी कटाक्ष किया, जो ताबीज से हर समस्या का समाधान होने का दावा करते हैं। दिखाया गया कि यहां भी अमीर दोस्त अपनी समस्याओं का समाधान करवाने के लिए महंगा ताबीज खरीद लेता है, लेकिन गरीब दोस्त अपना संघर्ष जारी रखता है।
मंत्री और डीसी ने भी देखा पूरा नाटक
कलाकारों ने जिस प्रकार समा बांधा तो सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी व डीसी विनय सिंह भी पूरा नाटक देखने पर विवश हो गए। इस दौरान मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि जब से भाजपा सरकार बनी है तभी से प्रदेश वासियों को भय व भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया जा रहा है। सरकार को बने हुए दो वर्ष का समय बीत चुका, लेकिन आजतक कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ।
मंत्री से मांगी नौकरी
नाटक में एक दृश्य आया, जब अमीर दोस्त गरीब दोस्त को कहता है कि वह उसे पास करवाने के लिए तैयारी करे। इसकी ऐवज में गरीब दोस्त ने शर्त रखी की वह उसके लिए नौकरी का इंतजाम कर दे। ऐसे में अमीर दोस्त का किरदार निभा रहे कलाकार मंच से कूदे और मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के पास पहुंच गए। इस पर हॉल में बैठे दर्शकों ने खूब ठहाके लगाए।
लगातार जारी रहेंगे प्रयास
इस मौके पर ऑन थियेटर ग्रुप के संस्थापक डॉ. पवन आर्य ने कहा कि इससे पहले भी उनकी संस्था अंतरराष्ट्रीय समारोह करवा चुकी है। इससे एक देश के लोगों को दूसरे की संस्कृति को जानने का मौका मिलता है। यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।
नाटक बदलाव का सटीक माध्यम
इस दौरान नाटक के निर्देशक कुलदीप कुनाल ने कहा कि नाटक सामाजिक बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम है। नाटक ऐसी विधा है, जिसके माध्यम से कलाकार सामाजिक विषयों को उठाकर उन पर लोगों से सीधे जुड़ सकते हैं। ऐसे में उन्होंने ऑन थियेटर ग्रुप के इस अभियान की सराहना करते हुए अन्य संस्थाओं से भी इस प्रकार के कार्यक्रम करवाते रहने का आह्वान किया।