08जेएनडी28: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय,जींद।
जींद। सरकारी विद्यालयों में व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की नियमित बैठक आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जिला परियोजना समन्वयक, डाइट प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी व सभी स्कूल मुखियाओं को इस संबंध में पत्र भेजा है।
निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को स्कूल बंद होने से दो घंटे पहले एसएमसी की बैठक होगी। यदि उस दिन अवकाश रहता है तो अंतिम सप्ताह में किसी अन्य दिन बैठक कराई जा सकेगी। बैठक की सूचना विद्यालय के सदस्य सचिव यानी प्राचार्य द्वारा कम से कम सात दिन पहले सभी सदस्यों को लिखित रूप में दी जाएगी और कार्यसूची भी साथ में भेजी जाएगी।
बैठक में विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा परिणाम, स्कूल की सुरक्षा, स्वच्छता, आधारभूत सुविधाओं का रखरखाव, मिड-डे मील की गुणवत्ता और सामुदायिक भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, प्रयोगशाला व खेल सामग्री के उपयोग की स्थिति की भी समीक्षा होगी।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि एसएमसी से जुड़े सभी रिकॉर्ड और पत्राचार का कार्य विद्यालय मुखिया द्वारा ही किया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णयों को कार्रवाई रजिस्टर में दर्ज कर हस्ताक्षर किए जाएंगे और स्कूल की मासिक आय-व्यय का विवरण भी समिति के सामने रखा जाएगा। साथ ही लंबित मामलों के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर उसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।
राजकीय स्कूलों में अब हर महीने के आखिरी शनिवार को विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक अनिवार्य होगी। यदि शनिवार को अवकाश हुआ तो बैठक अंतिम सप्ताह के किसी भी दिन की जा सकेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाना है।
- महेंद्र सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद