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तीन महीने बाद खुले छठी से आठवीं कक्षा के स्कूल, 45 प्रतिशत विद्यार्थी रहे हाजिर

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शुक्रवार को खुले छठी से आठवीं कक्षा तक के स्कूल में पहुंचे विद्यार्थी। संवाद - फोटो : Jind
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कोरोना संक्रमण में राहत के बाद शुक्रवार को जिले में छठीं से आठवीं कक्षा तक तीन घंटे के लिए विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए। जिले में निजी और सरकारी स्कूलों में 60 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। पहले दिन लगभग 45 प्रतिशत यानी 27 हजार विद्यार्थी उपस्थित रहे। शिक्षा विभाग द्वारा छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए समय रहते किताबें नहीं पहुंचाई गईं। ऐसे में शुक्रवार को स्कूल खुलने पर विद्यार्थी अभिभावकों से लिखित अनुमति तो लेकर स्कूल पहुंचे। लेकिन कुछ विद्यार्थियों के पास किताबें नहीं थीं। ऐसे में उनको पढ़ाई के लिए परेशानी हुई।
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वहीं शिक्षा अधिकारी भी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए फील्ड में उतरे। इस दौरान कुछ विद्यार्थी घर से पानी की बोतल नहीं लेकर आए थे। जिन विद्यालयों में चपरासी की व्यवस्था नहीं थी वहां गेट पर विद्यार्थियों के तापमान की जांच की भी व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद अधिकारियों ने विद्यार्थियों के तापमान की जांच के लिए शिक्षकों की ड्यूटी सुनिश्चित की। कोरोना संक्रमण के दौरान गुलकनी स्थित मिडिल स्कूल में कोविड सेंटर बनाया गया था, जो अभी तक वहां से शिफ्ट नहीं किया गया। इसमें प्राचार्य ने सरपंच को कोविड सेंटर को शिफ्ट करने के लिए आग्रह किया। गुलकनी गांव के एक निजी स्कूल में एक बेंच पर दो-दो बच्चे बैठे हुए थे। वहां विद्यार्थियों को कोरोना संक्रमण का हवाला देते हुए अलग-अलग बैठने के लिए कहा गया।
जुलाना में आज वितरित किए जाएंगे ऑक्सीमीटर, 30 बच्चों पर मिलेगा एक
विद्यार्थियों में ऑक्सीजन की मात्रा को मापने के लिए जुलाना ब्लॉक के सरकारी स्कूलों में शनिवार को ऑक्सीमीटर दिए जाएंगे। 30 बच्चों को एक ऑक्सीमीटर स्कूल में दिया जाएगा। ऑक्सीमीटर से अध्यापक व बच्चों में ऑक्सीजन की मात्रा मापी जाएगी। ऑक्सीमीटर शुक्रवार को जुलाना के बीडीपीओ कार्यालय में पहुंच गए हैं। शनिवार को यह ऑक्सी मीटर स्कूलों में वितरित किए जाएंगे।
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ब्लॉक वाइज विद्यार्थियों की संख्या
शुक्रवार को शुरू हुए छठी से आठवीं कक्षा के स्कूल के पहले दिन जींद ब्लॉक में 6164 विद्यार्थियों में से 2852 उपस्थित रहे। इसमें छठी कक्षा में 1988 में से 887, सातवीं कक्षा में 2099 में से 1005 और आठवीं कक्षा में 2077 में से 960 विद्यार्थी हाजिर रहे। वहीं नरवाना ब्लॉक में सरकारी स्कूलों में छठी कक्षा के 2162 विद्यार्थियों में से 989, सातवीं कक्षा में 2010 में से 1021 और आठवीं कक्षा में 2208 में से 1007 विद्यार्थी पहुंचे। वहीं पिल्लूखेड़ा ब्लॉक में छठी कक्षा में 728 में से 315, सातवीं कक्षा में 656 में से 278 व आठवीं कक्षा में 726 में से 337 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। जुलाना ब्लॉक के 6वीं से 8वीं तक सरकार व प्राइवेट स्कूल में 2700 विद्यार्थी पहुंचे। 1755 बच्चे सरकारी तथा 945 बच्चे निजी स्कूलों में पहुंचे।
स्कूल खुलने पर विद्यार्थियों में खुशी
तीन महीने बाद स्कूल खुले हैं। जहां छोटी-मोटी कमियां पाई गई थीं, वहां उन कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां तापमान जांच की व्यवस्था नहीं थी, वहां शिक्षकों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है। विद्यार्थियों को समझाया गया है कि चीजों का आपस में आदान-प्रदान नहीं करना है। स्कूल खुलने पर विद्यार्थी खुश नजर आ रहे थे। जो विद्यार्थी घर पर रहकर पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। सदानंद वत्स, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।

जुलाना स्थित रोहिल्ला स्कूल में तीन महीने के बाद पहुंचने विद्यार्थी सोशल डिस्टेंसिंग भूलकर खुश- फोटो : Jind

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