जींद। शहर में हुडा सेक्टरों के लगभग छह हजार परिवारों पर पेयजल का संकट छाने वाला है। क्योंकि हुडा के जलघरों में पांच-सात दिनों का ही पानी बचा हुआ है। यदि एक सप्ताह तक हांसी ब्रांच नहर में पानी नहीं आया तो हुडा सेक्टरों के लिए बेहद गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी।
हांसी ब्रांच नहर 22 दिनों से बंद है, इससे हुडा सेक्टरों में पेयजल की सप्लाई होती है। ऐसे में हांसी ब्रांच नहर बंद होने से पेयजल की समस्या पैदा हो गई है। यह समस्या हांसी ब्रांच नहर पर चल रहे छठ पूजा घाट के निर्माण को लेकर बनी है। पिछले लगभग डेढ़ महीने से छठ पूजा घाट का निर्माण चल रहा है। लेकिन एक्यूआई का स्तर बढ़ने के कारण जिले में ग्रैप-4 लागू होने से छठ पूजा घाट का निर्माण रूका हुआ है। अब न तो घाट का निर्माण हो सकता है और न ही घाट का निर्माण पूरा हुए बिना हांसी ब्रांच नहर में पानी छोड़ा जा सकता है। छठ पूजा घाट पर नहर के किनारे मिट्टी की खुदाई की हुई है, इससे अंदेशा है कि यदि नहर में पानी छोड़ा गया तो घाट के पास नहर टूट सकती है। हालांकि सिंचाई विभाग अधिकारी एक-दो दिन में नहर में पानी आने की संभावना जता रहे हैं।
ग्रैप-4 के नियमों ने बिगाड़ा शेडयूल
जिले का एक्यूआई बड़े खतरनाक स्तर 500 के पार हो गया था। इसके कारण दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-4 लागू कर दिया गया था। ऐसे में जिले में चल रहे निर्माण कार्य बंद हो गए थे। छठ पूजा घाट का निर्माण भी रोक दिया गया था। इसके निर्माण को लेकर हांसी ब्रांच नहर का पानी रोक दिया गया ताकि समय पर घाट का निर्माण पूरा हो सके लेकिन ग्रैप-4 लागू होने के बाद घाट का निर्माण रूक गया। जिले में अब भी ग्रैप-4 लागू है। इसके कारण घाट का निर्माण चालू नहीं हुआ है और इसी कारण नहर में पानी भी नहीं छोड़ा जा रहा है।
सेक्टरों में हैं छह हजार पेयजल कनेक्शन
शहर के सफीदों रोड पर सेक्टर-छह, सात, आठ, नौ, दस और 11 बनाए हुए हैं। इनमें सात हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं। वहीं हुडा में पेयजल के लिए करीब छह हजार कनेक्शन हैं। इन परिवारों में हुडा की तरफ से पेयजल सप्लाई मुहैया करवाई जाती है। हुडा ने प्रत्येक सेक्टर में जलघर का निर्माण किया हुआ है लेकिन सेक्टरों में जमीन के नीचे के पानी में टीडीएस की मात्रा ज्यादा है। यदि पेयजल सप्लाई नहीं हुई तो सेक्टर के लोगों को पेयजल के लिए भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
अगले सप्ताह तक हांसी ब्रांच नहर में पानी आने की संभावना है। छठ पूजा घाट के पास नहर किनारे मिट्टी डलवा दी गई है ताकि पानी आने पर नहर न टूटे। पीछे यमुना नहर में पानी कम है। इसलिए नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है। नहर पिछले 22 दिनों से बंद पड़ी है।
- राजेश बिश्रोई, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग जींद
फिलहाल सेक्टरों में पेयजल किल्लत की कोई बात नहीं है। यदि नहर 40 दिन तक न आए तो फिर पेयजल की किल्लत बन सकती है। अभी जलघरों में पानी का स्टॉक है।
- अनुज ढांडा, कनिष्ठ अभियंता, हुडा जींदद