जींद। एचआईवी एक ऐसा वायरस है, जो शरीर में पनपता है। यदि यह वायरस शरीर में प्रवेश कर जाए तो वह शरीर के सुरक्षा तंत्र को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे बीमारियों से लड़ने की ताकत नहीं रहती। ऐसी स्थिति आ जा जाती है कि साधारण जुकाम जैसी बीमारी भी असाध्य हो जाती है। इसलिए एड्स लाइलाज बीमारी है। यह जानकारी डाॅ. पालेराम कटारिया ने दी।
नागरिक अस्पताल में शनिवार को हरियाणा स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा विश्व एड्स दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डिप्टी सीएमओ डाॅ. पालेराम व डाॅ. नितिश सैनी ने की। डाॅ. नितिश सैनी ने बताया कि एचआईवी एड्स मुख्य तौर से असुरक्षित यौन संबंध स्थापित करने से, असंक्रमित संक्रमित सुई के प्रयोग से, संक्रमित रक्त चढ़ने से और एचआईवी पॉजिटिव मदर को होने वाली संतान को एचआईवी होता है। गर्भवती महिलाओं का एचआईवी टेस्ट अवश्य करवाना चाहिए। अभिषेक ने बताया कि एड्स बीमारी को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा टोल फ्री नंबर 1097 भी दिया गया है। इस अवसर पर सतिंदर पाल, रवि वर्मा, राजेंद्र, मनोज सांगवान मौजूद रहे।