18 अक्तूबर को हु बारिश और ओलावृष्टि की वजह सेखराब हुई फसल को दिखाते हुए कालवा गांव के किसान।
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18 अक्तूबर को हुई बारिश के चलते फसल खराब होने पर कालवा, भुराण व अमरावली खेड़ा गांव के किसान मंगलवार को डीसी कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन के माध्यम से दी शिकायत में ग्रामीण ओमप्रकाश, विक्रम, कृष्ण, अजीत, जसबीर, इंद्र, पवन, सतीश, संतलाल, राजपाल, सत्यवान, कर्मबीर व महासिंह ने कहा कि 18 अक्तूबर ओलावृष्टि के साथ बारिश हुई थी, जिसकी वजह से तीनों गांव कीसाढ़े पांच हजार एकड़ फसल खराब हो गई है। ऐसे में किसानों को अपने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। किसानों के पास आया का कोई अन्य माध्यम नहीं है, इसलिए किसानों को जल्द मुआवजा दिलवाया जाए। किसानों ने कहा कि बारिश के कारण धान, गन्ना व कपास की लगभग 95 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। किसान पूरी तरह फसलों की बिक्री पर ही आश्रित होते हैं। फसल बेचकर किसान अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। फसल खराब होने पर किसानों को अपने बच्चों की पढ़ाई व दिनचर्या की जरूरत की चीजें खरीदने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अगली फसल की बिजाई का समय भी नजदीक आ रहा है। ऐसे में किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द फसल का सर्वे करवा कर किसानों को उचित मुआवज दिलवाया जाए नहीं तो किसान रोड जाम करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से जिला प्रशासन की होगी।
जल्द सर्वे करवाया जाएगा
कालवा, भुराण व अमरावली खेड़ा गांव के किसान मंगलवार को शिकायत लेकर आए थे कि 18 अक्तूबर को हुई बारिश के कारण उनकी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने मुआवजे की मांग की है। किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द सर्वे करवाया जाएगा। उसके बाद किसानों को फसल खराबी के आधार पर मुआवजा दिलवा दिया जाएगा।
-डॉ. आदित्य दहिया, डीसी जींद।