फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कृषि विधेयक के खिलाफ सीटू ने किया प्रदर्शन

विज्ञापन
सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते मजदूर। - फोटो : Jind
विज्ञापन
केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि विधेयकों के विरोध में मजदूर संगठन सीटू ने शहर में प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला फूंककर रोष जताया। लघु सचिवालय के बाहर धरने को संबोधित करते हुए सीटू के प्रदेश महासचिव जयभगवान ने कहा कि सरकार मजदूरों और किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है। देश का मजदूर व किसान समय आने पर इसका जवाब देगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों व किसानों के खिलाफ हमलावर रुख अपनाया है। जनता को राहत देने की बजाय सरकार मजदूर-किसानों के अधिकारों को ही खत्म करने पर आमादा है। सरकारी विभागों की नौकरियों में नई भर्ती पर रोक लगा दी है। सरकारी व सार्वजनिक क्षेत्र को बड़े कारपोरेट घरानों के हाथों में दिया जा रहा है। केंद्र सरकार ने मजदूर संगठनों व कर्मचारी फेडरेशनों के व्यापक विरोध के बावजूद चार लेबर कोड संसद में पारित कर दिए। बड़े कारपोरेट, पूंजीपतियों के हक में और किसान विरोधी विधेयकों को किसानों के विरोध के बावजूद संसद में पारित कर दिया है। सरकारी विभागों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। उनके वेतन नहीं बढ़ाए जा रहे। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रामफल दलाल ने कहा कि सरकार उन सभी सुविधाओं को समाप्त कर रही हैं, जो पहले से चली आ रही हैं। इससे आम आदमी व आर्थिक रूप से कमजोर दबकों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। सरकार मजदूर व किसान विरोधी कानूनों को तुरंत रद्द करे। यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार जनतांत्रिक अधिकारों को छीनने का प्रयास कर रही है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। 25 सितंबर को देशव्यापी किसानों के बंद में सीटू की तमाम यूनियन व अन्य ट्रेड यूनियन हिस्सा लेंगे। इस मौके पर संजीव ढांडा, संदीप, संतोष, बिजेंद्र और नरेश मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें