प्रदेश में एक अक्तूबर से धान खरीदने का कार्य शुरू हो रहा है। इसको लेकर अब तक आढ़ती नाराज चल रहे थे। मंगलवार को प्रदेश सरकार से बातचीत कर न्यू फूड ग्रेन डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुशील सिहाग ने बुधवार को मंडी में आने वाले धान को खरीदने की घोषण कर दी है।
उन्होंने कहा कि अब तक उनकी मांगों को प्रदेश सरकार ने नहीं माना था, इसलिए मंडी में हड़ताल चल रही थी। अब प्रदेश सरकार और आढ़तियों के बीच सहमति बन गई है। किसान को मंडी में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। सिहाग ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मार्केट फीस में कटौती कर दी है। धान खरीदने के बाद अदायगी किस तरह करना है, यह किसान की इच्छा के ऊपर निर्भर है। अगर किसान आढ़ती के माध्यम से अदायगी करवाना चाहेगा तो आढ़ती के माध्यम से होगी या सीधे बैंक खाते में डलवाना चाहता है तो उसमें डाल दिया जाएगा। आढ़तियों ने धान को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 50 प्रतिशत मार्केट फीस में और 50 प्रतिशत ही एचआरडीएफ में कटौती की है। अब सभी आढ़ती एक अक्तूबर को बिना किसी परेशानी के धान खरीद सकेंगे। इसके लिए उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंडी में कांटे से लेकर पल्लेदारों तक भी व्यवस्था में वह लगे हुए हैं।
पांच मंडियों में खरीदा जाएगा बाजरा
जिले में पांच मंडियों में बाजरा खरीदा जाएगा। इन सभी मंडियों में सरकारी दाम पर छह दिन तक बाजरे की खरीद की जाएगी। इसमें किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जिले में अलेवा, उचाना, जींद, धमतान व मंगलपुर की मंडियों में एक अक्तूबर से बाजरा खरीदा जाएगा। अगर इससे पहले सरकार के आदेश आते हैं तो हैफेड पूरी तरह से खरीद के लिए तैयार है।
कृष्ण सहारण, डीएम, हैफेड।
14 मंडियों में खरीदा जाएगा धान
जिले में धान खरीदने के लिए पहले 13 मंडियां थीं। इस बार एक मंडी बढ़ा दी गई है। इस बार अतिरिक्त मंडी मंगलपुर में बनाई गई है। इसके अलावा जींद, जुलाना, उचाना, नरवाना, पिल्लूखेड़ा, सफीदों, अलेवा, धमतान, धनौरी, बरटा, गढ़ी, खरल, नगूरां मंडियों में धान खरीदा जाएगा।
मंडी प्रशासन भी व्यवस्था सुधारने में लगा
एक अक्तूबर से होने वाली धान की खरीद के लिए आढ़तियों के साथ-साथ मंडी प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट है। मंडी प्रशासन ने धान खरीद के कार्य के लिए व्यवस्था बनाने का काम शुरू कर दिया है। मंडी में लाइट से लेकर सफाई के कार्य को अमलीजामा पहनाया जा रहा है।
सुनील कंडेला आढ़ती।
गेट पर लगे धर्म कांटों पर चल रहा काम
अनाज मंडी में तीन गेट हैं। इन सभी पर धर्म कांटे लगे हुए हैं, ताकि किसान के धान का वजन गेट पर किया जा सके। यह पिछले कई वर्ष से कंडम हालात में थे। अब इन कांटों को ठीक करने का काम शुरू हो गया है। एक अक्तूबर से पहले तीनों काटों को ठीक करवा दिया जाएगा।
संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव।
किसानों के समर्थन में कल हड़ताल
सरकार द्वारा मांगों को मान लेने के बाद मंडी में धान खरीद सुचारु रूप से करने के लिए आढ़तियों ने हड़ताल को खत्म कर दिया है। अब वे 25 सितंबर को किसानों की होने वाली एक दिवसीय हड़ताल में ही भाग लेंगे। इसके बाद एक अक्तूबर से बिना परेशानी के धान खरीद का काम किया जाएगा।
सुशील सिहाग, प्रधान न्यू फूड ग्रेन डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन।