डोडा पोस्त के मामले में पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते एएसपी अजीत शेखावत तथा डीएसपी जितेंद्र खट?
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करीब 398 किलो डोडा पोस्त गबन के मामले में सीआईए थाने के सभी कर्मचारी अब एएसपी अजीत शेखावत के राडार पर हैं। इस मामले में डीआईजी ओपी नरवाल ने एएसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की है, जिसमें डीएसपी उचाना जितेंद्र खटकड़ तथा सीआईए इंस्पेक्टर मनोज वर्मा को शामिल किया गया है। अब इस मामले में आगे की जांच एसआईटी करेगी और गुनहगारों पर कार्रवाई करेगी। एसआईटी ने ट्रक चालक के बेटे अमनदीप को आठ दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम भी सोमवार को आरोपियों से पूछताछ करेगी।
डोडा पोस्त की हेराफेरी का मामला 24 दिसंबर को डीआईजी के संज्ञान में आने के बाद उसी रात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। इस मामले में अब सीआईए के आठ कर्मियों तथा एक सुरक्षा एजेंट को निलंबित किया जा चुका है। सीआईए थाने में बचे कर्मचारी भी संदेह के घेरे में है। इस मामले में सीआईए के इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने के बाद थाने की नई जिम्मेदारी अब इंस्पेक्टर मनोज वर्मा को दी गई है।
यह था मामला
स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीम ने 24 दिसंबर को थाना उचाना में खड़े ट्रक से उन्होंने 398 किलो डोडा पोस्त बरामद किया था। इसके गबन में सीआईए के कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई थी। इसमें एएसआई प्रवीन और जयबीर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
नशा तस्करों और सहयोगियों पर है नजर
एसआईटी सीआईए के निलंबित किए गए दोनों कर्मचारियों, एएसआई प्रवीण और जयबीर को पूछताछ में शामिल करेगी। इसके अलावा करनाल जिले के ललियानी गांव निवासी अमनदीप को मंसौर लेकर जाया जाएगा ताकि नशा तस्करी के बड़े अड्डे को भी पकड़ा जा सके।