सफीदों (जींद)। सिल्लाखेड़ी गांव में बुखार का कहर लोगों की जान ले रहा है। पिछले तीन दिन में दो लोगों की मौत प्लेटलेट्स कम होने से हुई है। ग्रामीणों को डेंगू की आशंका है। कुछ लोगों का कहना है कि उनको डेंगू है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा। चिकित्सकों ने अभी तक सिल्लाखेड़ी गांव का दौरा तक नहीं किया है। गांव में इस समय लगभग 70 लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिनकी इलाज सफीदों के निजी अस्पतालों में चल रहा है।
रविवार को सिल्लाखेड़ी गांव निवासी 68 वर्षीय रामदिया की मौत हो गई। उसके पिछले दस दिन से बुखार था। उसकी जांच करवाई गई तो उसकी प्लेटलेट्स 10 हजार से भी कम पाई गईं। इसी प्रकार छह नवंबर को 68 वर्षीय बाला देवी का निधन हुआ था। बाला देवी को भी कई दिन से बुखार था। उसकी प्लेटलेट्स भी पांच हजार से नीचे चली गई थीं। गांव में इस समय 70 लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिनका इलाज सफीदों के निजी अस्पतालों में चल रहा है। इनमें बीजा, बीरमति, शीला देवी, रविंद्र शर्मा, इब्राहिम, आयुष, दिलोर, जसवीर, खजानी, शुभम, गुड्डी, कुलदीप, अजय, सीनू, नीरज चौपड़ा, राजेश, शीला, रोशनी, पूजजा, दीपक नायक, मीता, विवेक के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि उनके गांव में डेंगू का कहर है लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक गांव में किसी की जांच तक नहीं की है।
निजी चिकित्सक बता रहे डेंगू, स्वास्थ्य विभाग का इनकार
गांव के लोग जिन निजी चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं, वह लोगों को डेंगू बता रहे हैं। लोगों के रक्त की जांच एक कार्ड से की जा रही है, जिसकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आ रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे मानने से इनकार करता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि एलीजा टेस्ट के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जा सकती है। वहीं लोगों का कहना है कि गांव के लोग डेंगू का शिकार हो रहे हैं। हर घर में कोई न कोई बीमार है। स्वास्थ्य विभाग से अभी तक कोई चिकित्सक नहीं आया है। वह अपने स्तर पर फॉगिंग करवाएंगे तथा स्वास्थ्य विभाग से सर्वे करवाने की मांग की जाएगी। इसके लिए सोमवार को एसडीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बात की जाएगी।
गांव में टीम भेजेंगे
गांव में टीम भेजकर लोगों की जांच करवाई जाएगी। जांच के बाद ही डेंगू की पुष्टि की जा सकती है। यदि कोई निजी चिकित्सक डेंगू की पुष्टि करता है तो उसको सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होती है। वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं। ग्रामीणों को फॉगिंग के दवाई उपलब्ध करवाई जाएगी तथा बीमार लोगों की स्लाइड बनवाई जाएंगी।
-डॉ. संदीप लांबा, प्रभारी सीएचसी मुआना।