22जेएनडी34: जयंती देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए। स्रोत: पुजारी
जींद। जजयंती देवी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिन मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और विधिवत कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान के जयकारों और भक्ति रस से सराबोर रहा।
कथावाचक ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के महत्व और इसके आध्यात्मिक प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इसके श्रवण से मन को शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक विचारों का संचार होता है।
मंदिर पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि कथा के पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ प्रवचन सुने और भगवान के जयकारे लगाए।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। मंदिर प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें।