जींद। अमरूत योजना के तहत पाइपलाइन डालने का कार्य रोहतक रोड पर दो साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस कारण रोड की हालत बदतर हो चुकी है। बारिश के बाद को यहां पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। दुकानदारों ने कहा कि प्रशासन ने तीन महीने से दुकानों के आगे सड़क को नहर की तरह खोद कर छोड़ दिया है। इससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है।
विधायक से लेकर अधिकारियों तक को कई बार अवगत कराने के बाद भी समाधान नहीं होने पर बुधवार को दुकानदारों का सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पीडब्ल्यूडी की बीएंडआर शाखा व जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिन्हें लोगों ने खरी-खरी सुनाई। इस पर अधिकारियों ने बताया कि दो दिन में पांच मीटर सड़क पर पत्थर डालने का काम शुरू हो जाएगा और खोदी गई सड़क पर भी मिट्टी डाली जाएगी।
गौरतलब है कि शहर में अमरूत योजना के तहत बरसाती पानी निकासी के लिए पाइप लाइन डाली जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि तब से ही प्रशासन यहां ढिलाई बरत रहा है। इसके चलते यहां कारोबार करने वाले दुकानदारों को धंधा चौपट हो गया है। वहीं तीन महीने पहले सड़क दोबारा बनाने के लिए करीब पांच मीटर चौड़ी और करीब डेढ़ मीटर गहरी खुदाई की गई है। इससे दुकानों के बाहर नहर सी बन गई है। तीन महीने से सड़क खोदी गई है, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। नगर परिषद ने पांच मीटर चौड़ी सड़क को करीब आधा किलोमीटर तक बिना अनुमति के खोद दिया था। इस पर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ने आपत्ति जताई तो यह काम बीच में ही बंद कर दिया गया। अब शनिवार से बीएंडआर यहां काम शुरू करेगा।
दो बार विधायक कर चुके हैं दौरा
इस सड़क पर पिछले छह महीने में दो बार भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा दौरा कर चुके हैं। हर बार अधिकारी कार्ययोजना तो देते हैं, लेकिन इस पर काम शुरू नहीं हो पाता। ऐसे में दुकानदारों में रोष है।
जेसीबी संचालक के व्यवहार से बिफरे दुकानदार
26 जनवरी को यहां जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से लाइन डालने का काम किया जा रहा था। उसी समय कुछ पाइप लाइन टूट गई और इंटरनेट व फोन की लाइन भी कट गई। इसके बाद जब लोगों ने आपत्ति जताई तो जेसीबी संचालक ने अभद्रता की। इसके बाद लोग भड़क गए और मौके पर ही अधिकारियों को बुलाया।
दस हजार से अधिक वाहन चालक हो रहे परेशान
रोहतक रोड का रास्ता खराब होने से करीब दस हजार से अधिक वाहन चालक परेशान है। रोहतक रोड शहर के मुख्य मार्गों में है। इससे प्रतिदिन दस हजार से अधिक वाहन निकले हैं। इसके अलावा शहर का हांसी रोड, गोहाना रोड व रोहतक बाईपास से भिवानी रोड का रास्ता पहले ही बंद हैं। ऐसे में यही एक रास्ता बचता है और यह भी ठीक नहीं है।
प्रशासन लोगों के सब्र की परीक्षा ले रहा है। यह कैसे व्यावहारिक हो सकता है कि दुकानों के बाहर तीन महीने से सड़क नहर की तरह खुदी पड़ी है। प्रशासन ने जब मिट्टी जमने के बात कही तो इसे मान लिया गया। अब कभी पानी सूखने की बात कहते हैं तो कभी लाइन टूटने की। यह सहन नहीं होगा। - डॉ. राजकुमार गोयल, प्रधान, रोहतक रोड
लोगों की परेशानी जायज है, लेकिन यहां काम काफी फैला हुआ है। 30 फुट गहरी खुदाई कर पाइप लाइन डाली गई है। ऐसे में इतना जल्दी यहां सड़क नहीं बनाई जा सकती। हां लोगों को राहत देने के लिए इसी सप्ताह कुछ काम होगा। वहीं नगर परिषद द्वारा खोदे गए पांच मीटर के टुकड़े पर शनिवार से काम शुरू कर दिया जाएगा।
- नवनीत नैन, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
रोहतक रोड पर सड़क की खुदाई करता जेसीबी चालक। अमर उजाला- फोटो : Jind