11जेएनडी27-करसिंधु से डाक कांवड़ लेने के लिए रवाना होते शिव भक्त। संवाद
उचाना। करसिंधु गांव में पूजा के बाद डाक कांवड़ लेने के लिए शिवभक्त गोमुख के लिए रवाना हुए। लीला करसिंधु की अगुवाई में 14वीं कांवड़ लेने के लिए रवाना हुए। 22 जुलाई को रात 12 बजे गोमुख से कांवड़ लेकर करसिंधु गांव के लिए रवाना होंगे।
कांवड़ के महत्व के बारे में बताते हुए महाराजा अग्रसेन मंदिर पुजारी अशोक शर्मा ने बताया कि सावन का माह भगवान शिव को सबसे प्रिय होता है। इस माह में भगवान शिव की पूजा विशेषकर सोमवार को करने से मनोकामना पूरी होती हंै।
इस बार सावन में चार सोमवार है। हरिद्वार और गौमुख से कांवड़ लेने के लिए शिवभक्त जाते हैं। हरिद्वार से लेकर निर्धारित स्थान तक शिवभक्त कांवडिय़े की सेवा के लिए भंडारे लगाते हंै। पूरा माहौल शिवमय सावन में नजर आता है। उन्होंने बताया कि कांवड़ कई तरह की होती है। झूला, बैठी, खड़ी एवं डाक कावंड़ शिवभक्त लेकर आते है।