जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने सीनियर सेकेंडरी कक्षा के विद्यार्थियों को वार्षिक परिणाम सुधारने के लिए एक और अवसर देने का निर्णय लिया है। जो विद्यार्थी अपने वार्षिक परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं वे जुलाई माह में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे।
दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त होंगे उसी परिणाम को मान्य किया जाएगा। विद्यार्थी अधिकतम तीन विषयों में ही सुधार परीक्षा दे सकेंगे।
बोर्ड ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, बोर्ड से संबद्ध राजकीय व गैर-राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, साथ ही गुरुकुलों व विद्यापीठों के संचालकों को पत्र जारी किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 से सीनियर सेकेंडरी स्तर पर वर्ष में दो बार मुख्य अथवा वार्षिक परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
अब तक फरवरी-मार्च में एक ही वार्षिक परीक्षा होती थी लेकिन अब दूसरी परीक्षा जून-जुलाई में आयोजित की जाएगी। द्वितीय वार्षिक परीक्षा केवल नियमित विद्यार्थियों के लिए होगी। वहीं परीक्षार्थी इसके पात्र होंगे जिन्होंने प्रथम वार्षिक परीक्षा दी है।
बीमारी, चोट या खेल व सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के कारण जो विद्यार्थी पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए वे निर्धारित शुल्क के साथ दूसरी परीक्षा में बैठ सकेंगे। अनुत्तीर्ण, कंपार्टमेंट अथवा अपने अंकों से असंतुष्ट विद्यार्थी एक से तीन विषयों में अंक सुधार का अवसर ले सकेंगे।
बशर्ते प्रथम परीक्षा में कम से कम एक मुख्य विषय में उत्तीर्ण हों। प्रथम व द्वितीय वार्षिक परीक्षा को संयुक्त रूप से एक ही परीक्षा माना जाएगा। द्वितीय परीक्षा में विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी और अधिकतम तीन विषयों तक ही आवेदन किया जा सकेगा।
यदि कोई परीक्षार्थी पहले प्रायोगिक या लिखित परीक्षा में अनुपस्थित रहा है तो वह निर्धारित शुल्क के साथ द्वितीय परीक्षा में संबंधित भाग की परीक्षा दे सकेगा। इससे विद्यार्थियों को प्रदर्शन सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा।
वर्जन
सीनियर सेकेंडरी कक्षाओं के विद्यार्थी जुलाई में दोबारा परीक्षा दे सकेंगे। इस सत्र से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने निर्णय लिया है। अगर किसी विद्यार्थी के किसी विषय में वार्षिक परीक्षा परिणाम में कम अंक आते हैं तो वे सुधार के लिए दोबारा से परीक्षा दे सकेंगे।
-रितु पंघाल, जिला शिक्षा अधिकारी जींद।