जींद। बीबीपुर गांव के पूर्व सरपंच और सेल्फी विद डॉटर अभियान के संस्थापक सुनील जागलान ने फिर सामाजिक सोच को नई दिशा दी है। इस बार उन्होंने एआई के जरिए एआई सेल्फी विद डॉटर अभियान शुरू कर उन माता-पिता को भावनात्मक रूप से बेटी का एहसास कराया है जिनके घर बेटी नहीं है।
महज 12 दिनों में इस अभियान को जबरदस्त समर्थन मिला है। देश के महाराष्ट्र, असम, गोवा, गुजरात सहित कई राज्यों से 15 हजार से अधिक एआई सेल्फियां अपलोड हो चुकी हैं। लोग एआई इमेज जनरेटर की मदद से अपनी कल्पना की बेटी के साथ तस्वीरें तैयार कर रहे हैं। इसमें मासूम मुस्कान और परिवार की पूर्णता का भाव साफ झलक रहा है।
सुनील जागलान दो बेटियों के पिता हैं। उन्होंने 2015 में शुरू किए सेल्फी विद डॉटर अभियान को अब तकनीक के साथ जोड़कर नया आयाम दिया है। उन्होंने अपनी कल्पना की तीसरी बेटी ‘धृति’ की एआई सेल्फी बनाकर इस पहल को और भावनात्मक रूप दिया।
यह अभियान सिर्फ तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सोच में बदलाव ला रहा है। जिन परिवारों में केवल बेटे हैं, वह अब बेटी के महत्व को समझ रहे हैं। कई परिवारों ने बेटी गोद लेने पर भी विचार शुरू कर दिया है। जागलान का कहना है कि यह पहल लोगों के मन में बेटी के प्रति प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना पैदा कर रही है।
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अभियान का एक और पहलू लापता बेटियों से भी जुड़ा है। एआई तकनीक के जरिए पुरानी तस्वीरों के आधार पर उनकी वर्तमान उम्र के अनुरूप तस्वीरें तैयार की जा रही हैं। जिससे पहचान और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिल रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में ‘सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन’ की टीम भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।
नौ जून को सेल्फी विद डॉटर दिवस पर होगा सम्मान
नौ जून को सेल्फी विद डॉटर दिवस पर सर्वश्रेष्ठ तीन एआई सेल्फियों को पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही पंचायत स्तर पर हर घर से सेल्फी अपलोड करने वाले गांव को विशेष सम्मान दिया जाएगा।