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डाक्टर होकर मरीजों की सेवा नहीं कर रहे, आपसे बड़ा पापी कोई नहीं : डॉ. कृष्ण मिड्ढा

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22जेएनडी34: पंचकर्म केंद्र को लेकर चल रहे विवाद में डॉ. रमेश पांचाल डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड
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जींद। सेक्टर-8 स्थित पॉलीक्लीनिक से पंचकर्म सेंटर को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट करने के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है। बुधवार को हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने पॉलीक्लीनिक का औचक निरीक्षण किया तो स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
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निरीक्षण के दौरान डॉक्टर व स्टाफ नदारद मिले जबकि सफाई व्यवस्था भी बदहाल थी। इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरे भी बंद मिले जिस पर डिप्टी स्पीकर ने कड़ी नाराजगी जताई। डिप्टी स्पीकर ने कहा कि डाक्टर होकर भी आप मरीजों की सेवा नहीं कर रहे। आपसे बड़ा पापी कोई नहीं है। तुम्हें भगवान भी माफ नहीं करेगा।
पंचकर्म सेंटर को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश वर्ष 2017 से ही मिल रहे हैं लेकिन आयुष विभाग के कुछ चिकित्सकों की आपत्ति के चलते यह प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस बीच लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डिप्टी स्पीकर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ डीसी मोहम्मद इमरान रजा और सीएमओ डॉ. सुमन कोहली भी मौजूद रहीं।
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कई कमरों में कचरा फैला हुआ मिला
औचक निरीक्षण में सामने आया कि ओपीडी समय के दौरान पॉलीक्लीनिक में कोई चिकित्सक या स्टाफ मौजूद नहीं था जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई कमरों में कचरा फैला हुआ मिला। इससे साफ प्रतीत हो रहा था कि लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। वहीं, सीसीटीवी कैमरों का बंद होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। वर्तमान में पॉलीक्लीनिक में नाममात्र मरीज पहुंच रहे हैं जबकि नागरिक अस्पताल में अत्यधिक भीड़ रहती है। ऐसे में यदि पंचकर्म सेंटर को अस्पताल में शिफ्ट किया जाता है तो अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
डिप्टी स्पीकर डॉ. मिड्ढा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नदारद स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश देते हुए डीसी और सीएमओ को तुरंत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही सफाई व्यवस्था सुधारने और सीसीटीवी कैमरों को जल्द चालू कराने के निर्देश दिए। पंचकर्म सेंटर की शिफ्टिंग को लेकर डिप्टी स्पीकर ने स्पष्ट कहा, जब तक सेंटर को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट नहीं किया जाता तब तक पॉलीक्लीनिक में ही मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

पंचकर्म तक पहुंचना भी महंगा
मरीजों को वर्तमान में पंचकर्म सेंटर तक पहुंचने के लिए विशेष ऑटो का सहारा लेना पड़ता है। करीब 100 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च आता है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए भी सेंटर को अस्पताल में स्थानांतरित करना जरूरी बताया जा रहा है।
पंचकर्म सेंटर के कुछ कर्मचारी शिफ्टिंग का कर रहे हैं विरोध
सीएमओ की ओर से पहले ही पंचकर्म सेंटर को अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। चार अप्रैल को पीएमओ की ओर से सेंटर का सामान उठाने के लिए कर्मचारियों को भेजा भी गया था लेकिन जिला आयुर्वेदिक अधिकारी की ओर से इन निर्देशों की अनदेखी किए जाने की बात सामने आ रही है। वहीं, पंचकर्म सेंटर के कुछ कर्मचारी भी शिफ्टिंग का विरोध कर रहे हैं।
चार की ड्यूटी नागरिक अस्पताल में लग रही
दरअसल, वर्तमान में आठ कर्मचारियों में से चार की ड्यूटी नागरिक अस्पताल में लग रही है जबकि चार पंचकर्म सेंटर में कार्यरत हैं। इस असंतुलन के कारण भी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
वर्जन
पंचकर्म को नागरिक अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश पहले भी मिले हैं। अब मुख्यालय से निर्देश जो मिलेंगे उनके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। मरीजों की सुविधा के लिए पंचकर्म सेंटर नागरिक अस्पताल में शिफ्ट होना चाहिए। -डॉ. सुमन कोहली, सीएमओ नागरिक अस्पताल जींद।
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