मलेरिया को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. आर तंवर के नेतृृत्व में लघु सचिवालय सहित अनेक सरकारी कार्यालयों व घरों में जाकर पानी की टंकी व कूलरों की जांच की। जांच के बाद डॉ. आरएस तंवर ने संबंधित कार्यालयों के प्रभारी व कर्मचारियों को कूलरों व पानी की टंकियों की साफ सफाई रखने बारे में टिप्स दिए।
स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा, कुलदीप सिंह व धर्मेंद्र सिंह की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मच्छर पनपने से रोकने के लिए ऐसे स्थानों पर दवाई डलवाकर लारवा को नष्ट करने का काम भी किया। टीम ने उपस्थित मौजूद लोगों को मलेरिया, डेंगू व जापानी बुखार के लक्षण, रोकथाम व उपचार के बारे विस्तृत जानकारी दी।
टीम ने बताया कि मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से जहां मलेरिया रोग होता, वहीं पर एडीज मच्छर से व्यक्ति डेंगू का शिकार बन जाता है। जब कि क्यलैक्स मच्छर से जापानी बुखार होता है। उन्होंने बताया कि यदि व्यक्ति को सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार होने, उल्टियां आने, तीव्र गर्मी लगने और पसीने के साथ बुखार उतरने तथा एक दिन छोड़कर बुखार आता है तो वह मलेरिया रोग के लक्षण होते हैं।