निजी स्कूल संचालकों की मनमानी छात्रों पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को गांव छात्तर में शिक्षा भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के कमरे की छत गिर गई। छत गिरने और विद्यार्थियों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। उन्होंने मलबे के नीचे दबे छात्रों को बाहर निकाला और निजी वाहनों के जरिए घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
इस हादसे में एक अध्यापक समेत 10वीं कक्षा के 22 छात्र घायल हो गए। हादसे की सूचना पाकर डीसी विनय सिंह, एडीसी अमना तास्मीन अस्पताल में पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना। डीसी विनय सिंह ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। बता दें कि विभाग की ओर से स्कूलों की छुट्टियों के आदेश दिए गए हैं, इसके बावजूद स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं। हालांकि, स्कूल संचालक ने योग शिविर का हवाला दिया है, जबकि पुलिस का कहना है कि स्कूल में साइंस अध्यापक सुमित कुमार दसवीं कक्षा के 29 छात्रों को पढ़ा रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ है।
ये हुए घायल
इस हादसे में साइंस अध्यापक सुमित के अलावा छात्र सोनी, मनदीप, संजय, अजय, मोहित, पवन, अजय, रिंकू, सीमा, दीपक, अजय सहित 21 विद्यार्थी घायल हो गए। चिकित्सकों ने 12 छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी, जबकि नौ छात्र अस्पताल में दाखिल हैं, लेकिन खतरे से बाहर हैं। हादसे की सूचना पाकर उचाना के नायब तहसीलदार देशराज, खंड शिक्षा अधिकारी आरके अहलावत ने स्कूल का दौरा किया और घटनास्थल का जायजा लिया।
मलबे के नीचे दब गए बस्ते
जिस कमरे में छात्र-छात्राएं मौजूद थे उस कमरे की छत गिरने पर विद्यार्थियों के बस्ते भी मिट्टी, ईंटों के नीचे दब गए। इन्हें बाद में निकाला गया। कमरे की पूरी छत गिर जाती तो जान की हानि हो सकती थी। आधी छत गिरने के बाद मची भगदड़ के दौरान बच्चे जिस दरवाजेे की तरफ से भागे यदि वहां की छत गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
बचाव के लिए योग शिविर का बहाना
शिक्षा विभाग 23 मई से स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर चुका था इसके बावजूद स्कूल खुलने के पीछे प्रबंधन योग शिविर का बहाना बना रहा है। लेकिन, पता चला है कि यहां योग शिविर 25 से 27 तक था, लेकिन अब प्राचार्य योग शिविर 31 तक होने की बात कह रहे हैं। शिक्षा विभाग छुट्टियां घोषित होने के बाद भी स्कूल खुलने के मामले की जांच कर रहा है। डीसी ने भी इस मामले की भी जांच के आदेश दिए हैं।
योग के लिए आए थे बच्चे
स्कूल प्राचार्य अजीत ने बताया कि स्कूल में कई दिनों से योग शिविर चल रहा था। आज योग शिविर का समापन था। छठी से 10वीं कक्षा तक के बच्चे स्कूल आए हुए थे। दसवीं कक्षा के विद्यार्थी जिस कमरे में थे उस कमरे में 29 विद्यार्थी थे। बारिश के कारण छत पर पानी जमा हो गया, जिसके चलते छत का वजन बढ़ गया और अचानक वह गिर गई।
डीसी से मिलने पहुंचे निजी स्कूल संचालक, लगी फटकार
इस मामले में शाम को निजी स्कूल संचालक डीसी विनय सिंह से मिलने पहुंचे और मामले में कार्रवाई नहीं करने की गुहार लगाई। इस पर डीसी विनय सिंह ने निजी स्कूल संचालकों को फटकार लगाते हुए कहा कि आप अपनी मर्जी से छुट्टियों में भी स्कूल चला रहे हैं। प्रशासन अपनी कार्रवाई करेगा।
स्कूल के कमरे जर्जर हालात में
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्कूल का निरीक्षण किया है। यहां पर जो कमरे हैं वे जर्जर हालत में हैं। ऐसे में भविष्य में भी इस तरह की घटना हो सकती है। इसकी रिपोर्ट बना कर उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
आरके अहलावत, खंड शिक्षा अधिकारी
बॉक्स
पुलिस को शिकायत का इंतजार
स्कूल में कमरे की छत गिरने से बच्चे घायल होने की जानकारी मिलने के बाद स्कूल में गए थे। किसी ने कोई शिकायत नहीं दी है। कोई शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
सूरजभान, थाना प्रभारी, उचाना।
सभी निजी स्कूलों के भवनों की करवाई जाएगी जांच
हादसे की जांच के लिए आदेश दे दिए हैं। जिले में जितने भी निजी व सरकारी स्कूल है उनके भवनों की जांच करवाई जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार का हादसा फिर से नहीं हो। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर जाकर छत का जायजा लेंगे, और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला के सरकारी स्कूलों की भवनों की स्थिति की भी जांच करवाई जाएगी।
डीसी विनय सिंह।