उचाना। जिले में छह अप्रैल से शुरू हुई गेहूं खरीद का कार्य अब अंतिम चरण में है। मंडियों में गेहूं की आवक कम और उठान की रफ्तार तेज होने से मंडी में फड़ खाली नजर आ रहे हैं। क्रय केंद्रों पर भी उठान तेजी से हो रहा है। खरीद एजेंसी तो खरीद के लिए आ रही हैं लेकिन गेहूं की आवक कम रह गई है। 22 अप्रैल को हेफेड ने 6631 क्विंटल गेहूं की खरीद की।
मार्केट कमेटी में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार हेफेड ने इस बार 36 प्रतिशत, डीएफएससी ने 88 प्रतिशत के करीब बीते साल की अपेक्षा गेहूं की खरीद कम की है। छातर में 38 प्रतिशत, घोघडिय़ा में 33, काब्रच्छा में 23 प्रतिशत के करीब गेहूं कम मिला। पहली बार प्राइवेट खरीद हेफेड को छोड़ सभी खरीद एजेंसियों पर भारी रही। हेफेड ने 198590 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। हेफेड को छोड़ किसी भी खरीद एजेंसी ने 22 अप्रैल तक इतनी गेहूं की खरीद नहीं की। 22 अप्रैल तक 716321 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। बीते साल अब तक 992891 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी थी। इस साल बीते साल की अपेक्षा 276570 क्विंटल गेहूं सरकारी खरीद पर कम हुई है। मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने बताया कि गेहूं के सीजन में किसी तरह की परेशानी किसान, आढ़ती को नहीं आने दी गई है। गेहूं की आवक अब कम होने लगी है। सरकारी एजेंसी को बीते साल की अपेक्षा गेहूं कम मिला है। प्राइवेट खरीद इस बार दो लाख क्विंटल के करीब हुई है।