सुबह लगभग आठ बजे भिवानी रोड पर स्थित पांचाल धर्मशाला के पास खड़े ट्राला से पुलिस ने परिचालक का खून से लथपथ शव बरामद किया। परिचालक की गर्दन पर पेचकश से वार किए गए थे। पुलिस ने ट्राला मालिक की शिकायत पर चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिचालक जम्मू के उधमपुर जिले के गांव दमनोट का रहने वाला गणेश था। उसके परिजनों के आने के बाद ही पोस्टमार्टम होगा। पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है।
भिवानी रोड पर स्थित पांचाल धर्मशाला के सामने सुबह लोगों ने एक चावल से भरे ट्रॉले को खड़ा देखा। जब वह रास्ते में रुकावट पैदा करने लगा तो लोगों ने आसपास ट्राला चालक की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद लोगों ने ट्राले पर चढ़कर देखा तो उसमें खून से लथपथ शव पड़ा था। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना पाकर डीएसपी धर्मबीर व शहर थाना प्रभारी दिनेश कुमार मौके पर पहुंचे और एसएफएल टीम को बुलाया। जांच करने पर पता चला कि ट्राला हिसार जिले के गांव खरक पूनिया निवासी मदनलाल का है। पुलिस ने मदनलाल को फोन करके बुलाया तो वे मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त ट्राला परिचालक जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले के दमनोट निवासी गणेश के रूप में की। मदनलाल ने बताया कि उसकी गाड़ी पर गणेश परिचालक व उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के गांव मोहम्मदपुर माडर्न निवासी राहुल चालक के रूप में काम करते थे। उसकी गाड़ी 22 जुलाई को रात साढ़े नौ बजे बालाजी ट्रांसपोर्ट पंजाब के मूनक से चावल भरकर सोनीपत जिले के भालगढ़ के लिए निकली थी। सुबह उसे पुलिस से ही सूचना मिली की गाड़ी में शव पड़ा है। इसके बाद उसके पास चालक राहुल का फोन आया उसने बताया कि उसकी तथा गणेश की सुबह किसी बात को लेकर लड़ाई हो गई। इसी लड़ाई में उसने गणेश की पेचकश मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मदनलाल की शिकायत पर राहुल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जल्द होगा आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई थी। एसएफएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने आसपास की दुकानों के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए हैं। इनमें एक युवक ट्रक से नीचे उतरकर भागते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस ने ट्राला चालक के मालिक की शिकायत पर चालक राहुल के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाएगा। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा कि उसने गणेश की हत्या क्यों की।
-धर्मबीर सिंह, डीएसपी, जींद।