जींद। जिले में सोमवार को सुबह से ही तेज धूप और भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। चिलचिलाती धूप में सड़कों पर आवाजाही कम नजर आई। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस माह का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
सुबह 11 बजे तक ही पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया। सड़क पर निकलने वाले राहगीरों, मजदूरों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के मुख्य मार्गों पर दोपहर के समय सन्नाटा नजर आया। छात्र-छात्राएं सिर को दुपट्टे व कपड़ों से ढककर अपने गंतव्य तक पहुंचे। वहीं दिहाड़ी मजदूर और अन्य कामकाजी लोग भी तेज धूप में तपते नजर आए। गर्म हवाओं और चुभती धूप के कारण आमजन ठंडे पेय पदार्थों जैसे नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ का सहारा ले रहे हैं।
सोमवार को हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा रही जबकि नमी का स्तर 17 प्रतिशत दर्ज की गई। कम नमी और तेज गर्मी के कारण लू का खतरा भी बढ़ गया है। चिकित्सकों के अनुसार ऐसे मौसम में लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।
ओपीडी में करीब 100 मरीज अधिक पहुंच रहे
नागरिक अस्पताल में भी गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों की तुलना में ओपीडी में करीब 100 मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी-दस्त और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
वर्जन
सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें। बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। शरीर में पानी की कमी न होने दें, इसके लिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें। खाली पेट धूप में जाने से बचें और ज्यादा थकान होने पर तुरंत आराम करें।
-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस नागरिक अस्पताल जींद