जींद। मैढ सुनार सभा का त्रिवार्षिक प्रतिनिधि सम्मेलन रविवार को सेक्टर छह में महाराज अजमीढ भवन और सुनार धर्मशाला में हुआ। सम्मेलन की देखरेख कोऑपरेटिव बैंक के जनरल मैनेजर जयप्रकाश सोनी और जिला वन अधिकारी कुरुक्षेत्र मोहन लाल वर्मा ने पर्यवेक्षक के रूप में की।
इसी दौरान सभा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से सत्यनारायण सोनी को दोबारा प्रधान और राममेहर वर्मा को महासचिव चुना गया। इसके अलावा कार्यकारिणी में नरेश सोनी को वरिष्ठ उपप्रधान, रमेश वर्मा को उपप्रधान, नरेंद्र भामा को सचिव, गौरव वर्मा को कैशियर तथा यशपाल आष्ट को सह कोषाध्यक्ष चुना गया।
वहीं मनफूल वर्मा, महाबीर प्रसाद सोनी, कृष्ण पटवारी, ताराचंद, इंद्रसिंह वर्मा, जितेश सोनी, रामकुमार वर्मा, महेंद्र सोनी अलेवा, सुरेश मुआनिया और बालकिशन सोनी को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। नव-नियुक्त प्रधान सत्यनारायण सोनी, महासचिव राममेहर वर्मा और वरिष्ठ उपप्रधान नरेश सोनी ने कहा कि सभी पदाधिकारियों का चयन सर्वसम्मति से किया जाना समाज की एकता और विश्वास का प्रतीक है।
राममेहर वर्मा ने तीन वर्षों की कार्य रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि कोषाध्यक्ष गौरव सोनी ने वित्तीय लेखा-जोखा रखा। रिपोर्टों पर चर्चा करते हुए उपप्रधान रमेश वर्मा, इंद्रसिंह वर्मा और राजेश सोनी ने बताया कि सभा ने पिछले कार्यकाल में महाराज अजमीढ देव के मंदिर और सुनार धर्मशाला के निर्माण सहित कई सामाजिक कार्यों को गति दी है। समाज में जागरूकता लाने के लिए नशाखोरी, दहेज प्रथा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों पर प्रभावी कार्य किया गया, जिसका सकारात्मक असर जिले के लिंगानुपात पर भी देखने को मिला।