फोटो 10जेएनडी23-अपनी दोनों मुर्राह भैंसों के साथ सतीश दरोली। स्रोत किसान
उचाना। दरोली खेड़ा के पशु औषधालय में दुग्ध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें दरोली गांव निवासी सतीश की एक भैंस ने 26 किलो 486 ग्राम और दूसरी भैंस ने 26 किलो 286 ग्राम दूध दिया। दोनों भैंसों के दूध उत्पादन ने दरोली खेड़ा में पहले से कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले यहां 25 किलो 140 ग्राम दूध उत्पादन का रिकॉर्ड था।
प्रतियोगिता के लिए गठित कमेटी में पशुपालन विभाग के एसडीओ, दो वीएस और एक वीएलडीए को शामिल किया जाता है। अधिक दूध देने वाले पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। 18 से 22 किलोग्राम दूध देने वाली भैंस के पशुपालक को 15 हजार रुपये, 22 से 25 किलोग्राम दूध उत्पादन पर 20 हजार रुपये तथा 25 किलोग्राम से अधिक दूध देने वाली भैंस के पशुपालक को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
विभाग के अनुसार जिस पशुपालक की भैंस 18 किलोग्राम से अधिक दूध देती है, वह ऑनलाइन आवेदन कर प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है। इसके लिए पशुपालक कभी भी ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इस अवसर पर वीएस दिनेश गर्ग, वीएस नवीन कुमार, वीएलडीए संदीप अहलावत और जसबीर नैन मौजूद रहे।