13जेएनडी19: गोहाना रोड पर जेसीबी के द्वारा कूड़े का करवाया जा रहा उठान। संवाद
जींद। एक माह तक चली सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है। नगर परिषद ने दो दिनों में करीब 260 टन कूड़े का उठान करवाया है। रविवार को दूसरे दिन 30 से अधिक डंपिंग पॉइंटों से 120 टन कूड़ा उठाया गया जबकि 400 टन से अधिक कूड़ा अब भी शहर में पड़ा है।
नगर परिषद का दावा है कि लगातार अभियान चलाकर इसी सप्ताह शहर को पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई कर्मचारी नियमित रूप से काम पर लौट आए हैं। इसके चलते अब कूड़ा उठाने के लिए पुलिस सुरक्षा की जरूरत नहीं पड़ रही है।
रविवार को शहर के 30 से अधिक डंपिंग पॉइंटों से कूड़ा उठाया गया। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था भी दोबारा नियमित हो गई है। ठेकेदार की करीब 55 गाड़ियां घरों से कूड़ा उठाने में लगाई गई हैं। सफाई अभियान तेज होने से शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर भी कम होने शुरू हो गए हैं।
हड़ताल के दौरान पुलिस की निगरानी में उठाना पड़ा था कूड़ा
राज्यस्तर पर कर्मचारियों और सरकार के बीच बातचीत के बाद शुक्रवार को हड़ताल समाप्त करने की घोषणा हुई थी। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर शनिवार से सफाई कार्य संभाल लिया। हड़ताल के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मौजूदगी में कूड़ा उठवाना पड़ा था। इस दौरान कर्मचारी और प्रशासन कई बार आमने-सामने भी आए थे।
इस सप्ताह शहर पूरी तरह होगा साफ : ईओ
नगर परिषद के ईओ सुशील भुक्कल ने कहा कि सफाई कर्मचारी अब काम पर लौट आए हैं। शहर में सफाई और कूड़ा उठान का काम लगातार कराया जा रहा है। डोर-टू-डोर कलेक्शन भी नियमित हो गया है। विभिन्न डंपिंग पॉइंटों से कूड़ा उठाने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए गए हैं। इस सप्ताह शहर को पूरी तरह साफ करवाने का लक्ष्य रखा गया है। जल्द ही सफाई व्यवस्था सामान्य हो जाएगी।